शंकराचार्य ने की महाराजजी के ज्ञान व विद्वता की प्रशंसाः राजपलिवार
आचार्य स्व पंडित छोटेलाल मिश्र रचित पुस्तक श्रीराधाकृष्णबृहदर्चा का लोकार्पण
देवघर। ज्ञान गंगा वैदिक मंडली के बैनर तले आचार्य स्व पंडित छोटेलाल मिश्र रचित पुस्तक श्रीराधाकृष्णबृहदर्चा का लोकार्पण स्थानीय गिन्नी वाटिका में किया गया। पुस्तक का विमोचन पूर्व मंत्री केएन झा एवं राजपलिवार ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर श्री झा ने कहा कि ब्राह्मण पूरे समाज को आगे बढ़ाने के लिए चेतना जागृत करने का कार्य करते हैं। इसका उदाहरण स्व महाराज जी के पुत्रों ने उनकी अधूरी रचना को पूर्ण करके इस पुस्तक के रूप में करने का कार्य किया है। समाज को जागृत करने को लेकर महाराज जी के इस तीसरी पीढ़ी के योगदान की उन्होंने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। साथ ही कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ही एकमात्र पूर्ण ब्रह्म हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए पुस्तक के संपादक कौशिक मिश्र ने राधाकृष्ण की पूजन पद्धति पर बेहतरीन रचना को प्रस्तुत करने का श्रेष्ठ कार्य किया है। वहीं पूर्व मंत्री राजपलिवार ने भी शंकराचार्य जी द्वारा महाराज जी की ज्ञान व विद्वता की प्रशंसा किये जाने की प्रसंग की चर्चा की। उन्होंने कहा की राधा की स्मरण के बिना श्री कृष्ण की पूजा अधूरी है। राधे का नाम लेने से मनुष्य जीवन की मोक्ष का रास्ता सुगमता से पाता है। इससे पूर्व अन्य वक्ताओं में सदाशिव खवाड़े, शेखर प्रीत झा व हिमांशु झा ने भी स्व पंडित छोटे लाल मिश्र की विद्वता की चर्चा कर उन्हें भावांजलि दी। मंच संचालन विद्वान पंकज कुमार झा किया। वहीं धन्यवाद ज्ञापन राघवेंदु मिश्र ने किया। प्रशाल में इस अवसर पर संजय कुमार मिश्र (महाराज) समेत पंडा धर्मरक्षिणी सभा के उपाध्यक्ष संजय मिश्र व मनोज कुमार मिश्र व मंत्री अरुणानंद झा तथा गुलाब फलाहारी, ब्रजेश कर्महे, सर्वेश्वर दत्त द्वारी, मुन्ना द्वारी, बबलू जजवाड़े, बबुआजी झा सहित अन्य विद्वतजन उपस्थित थे।
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