दी चेतावनी, कृषि उत्पादन विधेयक वापस लें, नहीं तो 15 फरवरी से होगा अनिश्चितकालीन बंद
गोड्डा। झारखण्ड सरकार द्वारा पारित कृषि उपज एवं पशुधन विपणन विधेयक 2022 के खिलाफ पूरे झारखण्ड राज्य के व्यापारी एकजुट हो चुके हैं। सोमवार को फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स (एफजेसीसीआई), रांची के निर्देश पर गोड्डा चेंबर ऑफ कॉमर्स के द्वारा भी स्थानीय कारगिल चौक पर कृषि मंत्री बादल पत्रलेख का पुतला दहन किया गया।
पुतला दहन से पूर्व खाद्य एवं कृषि से संबंधित सभी व्यापारियों ने स्थानीय हटिया चौक से पद यात्रा करते हुए कारगिल चौक पहुंच कर झारखण्ड सरकार के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख का पुतला दहन किया। मौके पर व्यापारी एकता जिंदाबाद, कृषि मंत्री होश में आओ, किसान विरोधी सरकार हाय हाय, वार्ता नहीं अब रण होगा, नहीं माने तो 15 फ़रवरी से अनिश्चित कालीन व्यापार बंद होगा, कृषि विधेयक कानून वापस लेना होगा आदि नारे लगाते हुए व्यापारियों ने अपनी चट्टानी एकता का परिचय दिया।
झारखंड चेंबर के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष प्रीतम गाडिया ने कहा कि व्यापारी एवं आम उपभोक्ताओं के हित में सरकार को अविलंब कृषि कानून को वापस लेना चाहिए। यह काला कानून है। झारखण्ड के पड़ोसी राज्यों में यह लागू नहीं है, तो फिर झारखंड में भी इसका कोई औचित्य व सरोकार नहीं है। इस कानून से महंगाई बढ़ेगी। सरकार को जीएसटी में भी नुकसान होगा। यदि सरकार व्यापारियों की बात को नहीं मानती है और इसी तरह किसान विरोधी, जन विरोधी, अहितकारी काला कानून को लागू करने की हठधर्मिता बनाये रखती है, तो हम व्यापारी भी आगामी 15 फरवरी से सम्पूर्ण खाद्यान व्यापार ठप कर अनिश्चित काल के लिए खरीद बिक्री बंद कर देंगे। इसके लिये हम सभी व्यापारी एकजुट हैं तथा इसकी सारी जिम्मेवारी सरकार की होगी। जिस कानून को भ्रष्टाचार की संज्ञा देकर पूर्व मे बंद कर दिया गया था आज पुनः भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए इस कानून को लागू करना भ्रष्टाचार को फिर से बढ़ावा देना है।
वहीं गोड्डा चेम्बर के सदस्य मुकेश भगत ने बतलाया कि कृषि कानून को वापस लिये जाने का जोरदार दबाव बनाते हुए फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैंबर ऑफ कॉमर्स के अगुवाई में झारखण्ड के सभी खाद्यान व्यापारी अपना सम्पूर्ण ताकत झोंकने के लिये कटिबद्व हैं । इसके लिए राज्य सरकार व केंद्र सरकार से पत्राचार से लेकर हर वह कदम अपने व्यवसाय के लिए उठायेगी जिससे झारखण्ड सरकार को यह काला कानून वापस लेने का दबाव बने। अन्यथा हम सभी साथ हैं।
चेंबर सदस्य अमित कुमार ने कहा कि इस काले कानून की वापसी हेतु फेडरेशन के नेतृत्व में प्रत्येक दिन पूरे झारखण्ड के व्यापारियों के साथ बैठक कर नयी नयी रणनीतियों को उसके अंजाम तक पहुंचाया जा रहा है। और हम प्रतिज्ञाबद्ध हैं कि जबतक कृषि कानून वापस नहीं लिया जाता है तब तक व्यापारी शांत नहीं बैठेंगे तथा 15 फरवरी से सम्पूर्ण खाद्यान व्यापार के आवक जावक समेत खुदरा व थोक व्यापार अनिश्चितकालीन बंद कर दिया जाएगा।
पुतला दहन कार्यक्रम में गोड्डा चेम्बर ऑफ कॉमर्स के नलिन वर्णवाल, अमित कुमार, निशांत शर्मा, राजीव कुमार, प्रवीण कुमार, दीपक शर्मा, मो शाहजहां, गणेश सिंह, सोनू कुमार, पवन परशुरामका, गौतम टेकरीवाल, रमेश बजाज, विकास भगत, संदीप बजाज, हीरालाल साह, सुरेश बजाज, शुभकरण भगत, कैलाश प्रसाद यादव आदि मौजूद थे।
The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/x996