देवघर के सिविल सर्जन 70 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

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दुमका। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) दुमका ने वर्ष 2024 में अपना चौथा ट्रैप ऑपरेशन सफलतापूर्वक अंजाम दिया। पश्चिम बंगाल के आसनसोल निवासी मो. महफुज आलम ने अपने लिखित शिकायत में बताया कि उन्होंने मधुपुर, जिला देवघर में “बंगाल नर्सिंग होम” के नाम से 10 बेड का अस्पताल वर्ष 2020 में शुरू किया था। उनके नर्सिंग होम का प्रोविजनल प्रमाण पत्र 9 जून 2024 तक मान्य था, जिसे रिन्यू कराने के लिए उन्होंने 3 जुलाई 2024 को सिविल सर्जन कार्यालय, देवघर में आवेदन दिया।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि कई दिनों के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने सिविल सर्जन देवघर, डॉ. रंजन सिन्हा से मुलाकात की, जिन्होंने प्रमाण पत्र के नवीनीकरण के लिए 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। आवेदक ने रिश्वत न देने का निर्णय लिया और मामले की शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से की।

सत्यापन के दौरान यह भी सामने आया कि डॉ. रंजन सिन्हा ने घूस की रकम बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दी थी। आज, 16 अक्टूबर 2024 को, आरोपी ने शिकायतकर्ता को 70,000 रुपये की पहली किस्त देने के लिए देवघर स्थित अपने आवास नवजीवन हास्पीटल एंड रिसर्च सेंटर पर बुलाया, जहां भ्र्ष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने उन्हें रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।मामले में FIR दर्ज कर ली गई है और आरोपी के खिलाफ अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

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