नूनाजोर -परसा सड़क के निर्माण में हो रहा घटिया सामग्री का उपयोग
पथ निर्माण विभाग की कार्यशैली सवालों के घेरे में
हनवारा। पथ निर्माण विभाग द्वारा परसा से नुनाजोर तक सड़क निर्माण में जमकर अनियमितता बरती जा रही है। प्राक्कलन को ताक पर रखकर घटिया तरीके से सड़क एवं पुलिया का निर्माण कराया जा रहा है। परसा गांव के समीप नव निर्मित पुलिया ध्वस्त हो गया है। ग्रामीणों ने इसका पुरजोर तरीके से विरोध किया है। घटिया सामग्री से निर्माण कार्य किये जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। बेहद घटिया तरीके से निर्माण कार्य किए जाने का परिणाम यह हुआ है कि निर्माण के कुछ दिनों बाद ही परसा गांव के समीप कल्वर्ट (पुलिया) ध्वस्त हो गया और बचा हिस्सा क्रेक होने लगा है। मिली जानकारी के अनुसार, नूनाजोर से परसा तक सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा किया जा रहा है। जिसमें घटिया किस्म के सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। बालू एवं सीमेंट भी घटिया किस्म का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कार्य मे घोर अनियमितता बरती जा रही है। विभागीय अभियंताओं एवं ठेकेदार की मिलीभगत से घटियां काम किया जा रहा है। ग्रामीण जब इसका विरोध करते हैं तो कनीय अभियंता एवं संवेदक द्वारा धमकी दी जाती है। स्थानीय ग्रामीण बाबर, प्रमोद साह, आरिफ, जैनुल, तनवीर, औरंगजेब, नसीम, साजिद, तहसीन, अजहर, शहादत, अम्बिका शर्मा, कैलाश तांती एवं इमरान सहित दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया एवं गार्डवाल निर्माण कार्य काफी घटियां तरीके से किया जा रहा है। निर्माण कार्य मे निम्न क्वालिटी के बालू, जिसमें आधे से अधिक मिट्टी मिला हुआ है, का उपयोग किया जा रहा है। इसका परिणाम यह हुआ कि पुलिया निर्माण के कुछ दिनों के अंदर ही हैं ध्वस्त हो गया । निर्माण कार्य मे घोर अनियमितता बरती जा रही है, जिस कारण इस मार्ग में कोई भी निर्मित पुलिया निर्माण कार्य की पोल खोल रहा है।
बताया जाता है कि बुधवार को ही कार्यपालक अभियंता एवं कनीय अभियंता जांच में पहुंचे थे। जब घटिया सामग्री लगाने का विरोध किया गया तो उन्होंने साफ कह दिया कि सब काम सही हो रहा है। कहीं कोई दिक्कत नही है। यहां के ग्रामीण सिर्फ हवाबाजी कर रहे हैं। ग्रामीणों को कार्यपालक अभियंता द्वारा धमकी भी दिया गया कि किसी भी सूरत में दोबारा पुलिया का निर्माण नही कराया जाएगा। ज्यादा परेशान करने पर आगे का काम भी नही करेंगे। बताते हैं विरोध करने वाले ग्रामीणों को अभियंताओं की ओर से धमकी दी गई कि सभी के ऊपर केस दर्ज कर फंसा देंगे। ग्रामीण प्रमोद साह ने बताया कि कनीय अभियंता द्वारा उनके साथ गाली गलौज एवं कॉलर पकड़ कर जान से मारने की धमकी भी दी गई है। ग्रामीणों ने उपायुक्त गोड्डा एवं अनुमंडल अधिकारी महागामा सौरभ भुवानियां से कार्यपालक अभियंता, कनीय अभियंता एवं ठीकेदार के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की है।
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