जामताड़ा में नोडल बीज वितरण में गड़बड़ी – सिमलडुबी लैम्पस एक बार फिर विवादों में,पूर्व में भी रहा है विवादित

जामताड़ा । जामताड़ा में नोडल बीज वितरण में गड़बड़ी की चर्चा इन दिनों जोरों पर है। जामताड़ा जिले में कई लैम्पस शाखाओं में नोडल बीच का वितरण तक नहीं किया गया ।लिहाजा वहां के किसानों को गेहूं और चने के बीज से वंचित रहना पड़ा। इतना ही नहीं जामताड़ा के ही लैंम्पस शाखा सिमलडुबी में वृहद स्तर पर गड़बड़झाला की चर्चा एक बार फिर है। हालांकि सिमलडुबी लैंम्पस पहले से ही विवादों के साए में रहा है । ताजा मामला नोडल बीज के तहत गेहूं और चना बीज वितरण का है। जो बीते नवंबर माह को होना था। सबसे बड़ी बात यह है कि विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो सिमलडुबी लैम्पस को 10 क्विंटल गेहूं और 4 क्विंटल चना बीज का आवंटन होना था। लेकिन यहां 177 किसानों के बीच 82 क्विंटल गेहूं बीज और 66. 3 क्विंटल चना बीज 190 किसानों के बीच वितरण किया हुआ दर्शाया गया है। सहकारिता विभाग के नेट पर यह आंकड़ा आसानी से देखा जा रहा है। जो लोगों के बीच खासा चर्चा में है। लोग यह चर्चा करते नहीं थक रहे हैं कि जिस लैम्पस शाखा को मात्र 14 क्विंटल गेहूं और चना बीज का आवंटन मिलता है। आखिर 148 क्विंटल बीज कहां से बांटा है। हालांकि जिले के चकनायापाड़ा,कास्ता,मोरबासा जैसे लैम्पस शाखाओं में बीज तक नहीं पहुंच पाया है। लैम्पस शाखाओं से जुड़े लोगों में चर्चा है कि बिना पदाधिकारी के सांठगांठ से इतने व्यापक पैमाने पर अनियमितता असंभव है। इधर चकनयापाड़ा लैंम्पस के कार्यकारी सदस्य सुधीर कुमार घोष ने कहा कि हम लोगों को 10 क्विंटल गेहूं और 2 क्विंटल चना बीज मिलना था लेकिन नहीं मिला है। जिस वजह किसान परेशान है। उन्होंने कहा कि यहां नोडल का दुरुपयोग किया जा रहा है। जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस संबंध में जब जिला सहकारिता पदाधिकारी चंद्रजीत खलको के दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन बिजी कर दिया। बहरहाल यदि नोडल बीज वितरण मामले की जांच की जाए तो एक बड़ी अनियमितता का पर्दाफाश संभव होगा।
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