निरसा I डीवीसी प्रबंधन झारखंड के जामताड़ा जिला के गांव के साथ सौतेला व्यवहार नहीं करें। क्योंकि डीवीसी निर्माण में जामताड़ा जिला के कई गांव के लोगों का जमीन गया है लेकिन उस गांव में विकास कार्य करने में डीवीसी भेदभाव कर रही है जो कि दुर्भाग्य है। यदि जामताड़ा जिला के विस्थापित गांव में अविलंब सीएसआर के तहत विकास कार्य नहीं शुरू किया गया तो आनेवाले दिनों में जोरदार आंदोलन किया जाएगा। उक्त बातें जामताड़ा कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने गुरुवार को डीवीसी के चेयरमैन कैंप में पत्रकारों के साथ बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि जिनके जमीन पर डीवीसी बनी है। आज उन्हीं लोगों का काम नहीं हो रहा है। जामताड़ा जिला के 12 पंचायत क्षेत्र में डीवीसी द्वारा विकास कार्य नहीं के बराबर चलाया है। जबकि वहां के लोग हर साल डीवीसी के डैम के पानी से प्रभावित होते हैं और उनकी जमीन भी डैम में गई है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य हो या निर्माण कार्य हर वक्त झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार किया गया है। जबकि ज्यादातर जमीन डीवीसी झारखंड क्षेत्र से ही लिया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि डीवीसी सीएसआर के तहत विकास कार्य बंगाल क्षेत्र में ज्यादा करतीं हैं। झारखंड में विकास कार्य कम करती है जो कि गलत है। कहा बरबेन्दिया पुल का जल्द निर्माण होगा और इसका पूरा निर्माण कराएंगे। भाजपा की तरह कमजोर और कमीशन खोरी नहीं होगी। उन्होंने दामोदर घाटी विस्थापित एवं स्थानीय समन्वय समिति के बैनर तले डीवीसी मैथन के परियोजना प्रमुख अंजनी कुमार दुबे के साथ विस्थापितों की समस्या को लेकर बैठक भी किया। एक मांग पत्र भी सौंपा है। परियोजना प्रमुख ने आश्वासन दिया है कि इन मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार कर सीएसआर के तहत विकास कार्य किया जाएगा। विधायक ने बताया कि परियोजना प्रमुख के साथ साकारात्मक बैठक हुई। उन्होंने आश्वासन दिया कि जामताड़ा जिले के 10 गांव में अभिलंब विकास कार्य चलाया जाऐगा। गांव की बुनियादी सुविधा पानी, बिजली, शिक्षा एवं स्वास्थ्य की समुचित व्यवस्था होगी। मौके पर डीवीसी के उप महाप्रबंधक अनुप पुरकायस्थ, तापस राय, संजय प्रियदर्शी, विस्थापितों की ओर से उत्पल चक्रवर्ती, अमर साव, तरुण महतो, प्रशांत महतो, फनी भूषण मंडल ,रामनाथ सोरेन, कैलाश साव, टार्जन मरांडी, रवि श्रीवास्तव आदि थे।
जामताड़ा जिला के गांव के साथ सौतेला व्यवहार नहीं करे डीवीसी : इरफान
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