जामा I जामा प्रखंड अंतर्गत बारापलासी स्थित दुर्ग मन्दिर के पिछे प्रांगण में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक श्री गौरव कृष्णा जी महाराज ने बताया कि भगवान हर जीव जंतु में विराजमान हैं वस उसे देखने के लिए भाव होना चाहिए। मानव हृदय ही सागर संसार है। मनुष्य के अच्छे व बुरे विचार ही देवता और दानव के द्वारा किया जाने वाला मंथन है। हमारे अन्दर अच्छे विचारों का चिंतन मंथन चलता रहता है। जिसके अन्दर देवता जीत गये उसका जीवन सुखी, सन्तुष्ट और भगवत प्रेम से भरा हुआ होगा। इसलिए हमेशा अपने विचारो पर पैनी नजर रखते हुए बुरे विचारों को अच्छे विचारों से जीतते हुए अपने मानव जीवन को सुख, भयमुक्त एवं आनन्दमय बनाना चाहिये। भगवान के झांकी का दर्शन कर श्रद्धालुओं ने अपने जीवन को धन्य किया। इस मौके पर पंकज सिंह, सुभाष नाग, सुभाष राय, टुनटुन बैरा, जोमा मंडल, अरूण यादव, कमलेश केलेंका, मिट्ठू केलेंका, सोनू सेन, दिनेश भालोटिया, वरूण कापरी, सौरभ यादव, प्रेम यादव, अमित सिंह, पप्पू महाराणा, राजेश कुंवर, अर्जुन साह, दीपक साह, मुन्ना दुबे, मुन्ना बैरा, सुरेश भालोटिया, पवन भालोटिया, पिंटू सिंह, राहुल सेन आदि कमेटी के सदस्य एवं सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे।