जमशेदपुर । इंडिया माइनोरिटी सोशल वेलफेयर फ्रंट के केंद्रीय महासचिव बाबर खान ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा के UCC भाजपा ,2024 के राजनीति लाभ के लिए लाने की तयारी कर ली है। जिस का विरोध फ्रंट करेगी। भाजपा अपनी विफलता को छुपाने के लिए सामान्य नागरिकता संहिता लाना चाहती है। बाबर खान ने कहा कब तक हिंदू मुस्लिम की राजनीति भाजपा करेगी।
बाबर खान ने केंद्र की मोदी सरकार से अनुरोध है कि वह समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड लाने का विचार छोड़ दे। क्योंकि इससे देश की एकता व अखंडता पर सीधा असर पड़ेगा।
बीजेपी शासित राज्य सरकारें UCC को लागू करने की तैयारी में हैं और 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र की मोदी सरकार भी इसे लेकर कानून बनाने वाली है, जिसको लेकर बाबर खान ने हुंकार भरते हुए कहा है कि यू सी सी का विरोध फ्रंट करेगा।
बाबर खान ने कहा कि समान नागरिक संहिता सिर्फ मुसलमानों का मुद्दा नहीं है। बल्कि यह देश के विभिन्न सामाजिक समूहों, समुदायों, जातियों और सभी वर्गों से संबंधित है। हमारा देश विविधता में एकता और सच्चा बहुलतावादी का सबसे अच्छा उदाहरण है। लेकिन हमारे बहुलवाद को अनदेखा करते हुए, जो भी कानून पारित होंगे। उनका देश की एकता,विविधता और अखंडता पर सीधा असर पड़ेगा। बाबर खान ने कहा देश के आदिवासी वर्ग के बड़े तबके ने भी UCC को लेकर नाराजगी सामने आई है, क्योंकि वे अपनी सदियों पुरानी परंपरा और रीति-रिवाजों को छोड़ने को तैयार नहीं हैं। इसीलिए संघ के स्वयंसेवक वनवासी इलाकों में जाकर उन्हें इस कानून के फायदे बताते हुए समझा रहे हैं। हालांकि बाबर ने यह कानून लाने की सरकार की नीयत पर शक जताते हुए साफ कहा है कि इसका मकसद राजनीति से प्रेरित है और मुस्लिम पर्सनल लॉ को खत्म करना ही है। जिस का विरोध किया जायेगा।
बाबर खान न केंद्र सरकार से पूछा कि इस्लाम से शिकायत आखिर क्यों है ? बाबर ने कहा भेदभाव और दुश्मनी को भूलकर एक-दूसरे को गले लगायें और हिंदुस्तान को दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बनाएं। हमें सनातन धर्म के फरोग (रोशनी) से कोई शिकायत नहीं है। आपको भी इस्लाम से कोई शिकायत नहीं होनी चाहिए, लेकिन हिंदुत्व की गलत परिभाषा देने का जिक्र करते हुए बाबर खान ने कहा कि इस मुल्क में बसने वाले बहुसंख्यक वर्ग यानी हिंदुओं से हमारा झगड़ा नहीं है और हम किसी के भी खिलाफ नहीं हैं। यही बात बीते दिनों संघ प्रमुख श्री मोहन भागवत ने कहा कि इस्लाम से हमारा कोई झगड़ा नहीं है, इसलिए सवाल उठता है कि हिंदुओं और मुस्लिमों के दो सबसे बड़े संगठन के बीच गंदी राजनीति क्यू हो रहा है। समय रहते इस पर रोक लगाई जाए। जो देश हित के लिए बहुत अच्छा होगा।
बाबर खान ने कहा अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा भड़काने वालों को विशेष रूप से दंडित करने के लिए एक अलग कानून बनाया जाना चाहिए। अगर भारत सरकार यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने का प्रयास करती है या फिर हमें संवैधानिक अधिकारों से वंचित करने को लेकर कोई भी कदम उठाया जाता है तो इसे हमारा समाज बिल्कुल भी सहन नहीं करेगा और संविधान के दायरे में रहकर जो भी कदम संभव होंगे, वो उठाएं जाएंगे।
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