शिकारीपाड़ा/दुमका/ ओलचिकी लिपि वैसी के द्वारा 4 जुलाई को अपनी मांगों को लेकर एकदिवसीय झारखंड बंदी कार्यक्रम के तहत शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के कजलादाहा मोड़ पर बंद समर्थको के कार्यकर्ताओं ने दुमका रामपुरहाट मुख्य पथ को पर बैरियर लगाकर सड़क को जाम किया था। साथ ही दुमका रामपुरहाट रेलवे लाइन कजलादहा मोड़ के पास रेलवे फाटक पर बिच ट्रैक पर झारखंड बंद बेनर लगा कर रेलवे आवागमन को भी बंद किया गया। बंद समर्थकों ने बताया कि हमारी मांगे है कि झारखंड प्रदेश में संथाली भाषा का ओलचिकीलिपि में पुस्तकों का मुद्रण एवं पठन-पाठन आरंभ करें, संथाली शिक्षकों का बहाली अभिलंब करें ,संथाली भाषा को प्रथम राजभाषा का दर्जा दे एवं अलग से संथाली अकादमी का गठन करें और यदि हमारी मांग नहीं सुनी जाती है तो इससे भी तेज आंदोलन होगा और आगे विद्यालयों पर भी ताला जड़ा जाएगा। बंदी के कारण दुमका रामपुरहाट मुख्य मार्ग पूरी तरह से बंद रहा कजला दहा मोड़ के पास वाहनों की लंबी-लंबी लाइनें लग गए ,यात्रियों को काफी परेशानी हुई। हालांकी बंदी को लेकर शिकारीपाड़ा पुलिस भी चौकन्ना दिखी। और जाम स्थल पर पहुंच कर समझा बुझा कर जाम खाली कर वाया ।