गिरिडीह। देश के अन्य भागों की तरह अब जिले की सब्जी मंडियों में भी टमाटर के दाम पेट्रोल से भी ज्यादा हो गए हैं।यह 120 से 200 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है। इन आसमान छूती कीमतों की वजह से कई लोगों ने तो टमाटर खरीदना ही बंद कर दिया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, देश में हो रही भारी बारिश की वजह से टमाटर की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। डिमांड के हिसाब से सप्लाई नहीं हो पाने के कारण इसकी कीमतें आसमान छू रही हैं। हालांकि टमाटर ही नहीं, अब हर परिवार की रसोई में सब्जियों में छौंक लगाना महंगा हो गया है, क्योंकि जीरे के दाम आसमान छू रहे हैं। दो वर्ष पहले इन दिनों जीरा 220 से 240 रुपये प्रतिकिलो थोक में बिक रहा था। अब इसके दाम 650 रुपये प्रतिकलो तक थोक में पहुंच गए हैं। वहीं फुटकर में अच्छी गणुवत्ता का जीरा 800 रुपये प्रति किलो तक मिल रहा है। इसके पीछे कारण आवक का कम होना नहीं बल्कि जमाखोरी बताई जा रही है। वहीं अन्य खाद्य पदार्थों की बात करें तो आम आदमी के रोजमर्रा जीवनयापन के लिए अनिवार्य वस्तुओं के मूल्य में बेतहाशा वृद्धि हो गई है।चाहे चावल,आटा,मसाले, दाल, चना,मूंगफली आदि कुछ भी महंगाई की मार से नहीं बची है।
केंद्र सरकार का बाजार मूल्य पर नहीं रहा नियंत्रण
टमाटर 120 रुपये प्रति किलो और अदरक 200 रुपये प्रति किलो बिकने के बाद अब प्याज, धनिया, भिंडी, फूलगोभी आदि की कीमतें गरीब, मध्यमवर्गीय गृहिणियों की क्रय शक्ति से बाहर हो गई हैं। एक ही महीने में सब्जियों के दाम दोगुने से तीन गुने हो गए हैं। जीरे की तरह धनिया सबसे महंगा है। 200-300 रुपये किलो मिलने वाला धनिया सीधे 900-1000 रुपये तक पहुंच गया है। जो भिंडी 200-300 रुपये में मिलती थी, अब 20 किलो 800 से 1000 रुपये में मिल रही है। फूलगोभी की कीमत एक माह पहले 20 से 30 रूपये से दोगुनी होकर 80 से 100 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गयी है। पुदीना, मिर्च और पत्तागोभी के दाम 50 से 200 रुपये प्रति 20 किलो तक बढ़ गए हैं। खुदरा सब्जी बाजार में ज्यादातर सब्जियों के दाम 100 रुपये या उससे भी ज्यादा हो गये हैं।मिली जानकारी अनुसार पीएम मोदी के गृह राज्य गुजरात की सूरत में जहां थोक में 20 किलो के दाम दो से तीन गुना बढ़ गए हैं, वहीं खुदरा सब्जी बाजार में ये दाम पांच गुना बढ़कर शतक पार कर गए हैं।
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देखिए कि कैसे कमरतोड़ महंगाई ने हर आम आदमी का जीना मुहाल कर रखा है।बाजार मूल्य के अनुसार 10 साल पहले आटा का 10 किलो का बैग 210 रुपये में मिलता था वो अब 480 रुपये में मिल रहा है। यानि दोगुना से अधिक। चावल जो 10 साल पहले 36 से 38 रुपये में मिलता था वो अब 80 से 90 रुपये प्रति किलो में मिल रहा है। फुल क्रीम दूध 39 रुपये प्रति लीटर में मिल रहा था वो अब 66 रुपये लीटर में मिल रहा है।दिन प्रतिदिन मूल्य में बढ़ोतरी ही होती जा रही है। जो देसी घी 300 रुपये किलो में मिलता था वो अब 675 रुपये प्रति किलो में मिल रहा है। 160 से 180 रुपये किलो में मिलने वाला पनीर अब 450 से 480 रुपये किलो में मिल रहा है। सरसों तेल 2013 में 52 से 55 रुपये प्रति किलो में मिल रहा था जो अब 180 रुपये किलो में मिल रहा है। अरहर दाल 2013 में 70 से 80 रुपये प्रति किलो मिलता था वो अब 160 से 180 रुपये किलो में मिल रहा है।