मधुपुर। प्रखंड के जाभागुढ़ी पंचायत अंतर्गत लालपुर गांव में दो दिवसीय भव्य किसान मेला का उद्घाटन मुख्य अतिथि सूबे के अल्पसंख्यक कल्याण, पर्यटन, कला -संस्कृति, खेलकूद, युवा मामले विभाग के मंत्री हफीजुल हसन, समाजकर्मी घनश्याम, सर्वोदय मंडल बिहार के विनोद रंजन, संस्कृतिकर्मी उदय, साल्गे मार्गी, एनी टूडू, प्रधान गिरजा मंडल, जिप सदस्य सोनी सोरेन, मुखिया मोहन किस्कू, मरियम टुडू, सामोली हांसदा, लिली सोरेन, शीला देवी, नसरुल शेख,कुंदन कुमार भगत ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर और नगाड़ा बजाकर किया। विषय प्रवेश कराते हुए समाजकर्मी घनश्याम ने कहा कि लालपुर 56 परिवारों का गांव है। यह एक ऐसा गांव था जहां की अधिकांश भूमि पथरीली और विरान थी। ऐसी स्थिति थी कि मुश्किल से एक शाम का भोजन यहां लोग जुटा पाते थे लेकिन यहां आज किसान खुशहाली के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। गांव के नौजवान महिला किसान संगठित होकर सामूहिक श्रम और न्यूनतम संसाधन से उन्होंने गांव की तस्वीर और तकदीर बदलने का काम किया। बरसात का जो पानी बेकार बह कर चला जाता था ग्रामीणों के अभिक्रम से जुड़ाव और संवाद के सहयोग से जोरिया में चेक डैम बनाकर लिफ्ट इरिगेशन निर्माण कराया गया। इससे पथरीली और वीरान पड़ी भूमि पर हरियाली आ गई। पहले किसान से धान की फसल उगाते थे लेकिन अब धान के अलावा तीन अन्य फसल उगाते हैं। लालपुर सुशासन और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अपने विवेक, श्रम, ज्ञान से यहां के किसान समस्याओं से छुटकारा पा रहे हैं। संवाद 700 गांव में 4 हजार परिवारों के बीच जैविक खेती को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है। झारखंड में जोरिया करीब हर गांव की ओर से गुजरती है। जिनमें सालों भर पानी रहता है। इस पानी का सही ढंग से प्रबंधन कर जोरिया से हजारों एकड़ जमीन सिंचित हो सकती है। पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार कर किसानों को लाभ पहुंचाया जा सकता है। यदि सरकार जोरिया और पुराने तालाबों से संबंधित कारगर योजना बनाती है तो झारखंड सुखाल मुक्त और भूख मुक्त बन सकता है। किसानों के घरों में खुशहाली आ सकती है। मुख्य अतिथि सूबे के अल्पसंख्यक कल्याण, पर्यटन, कला- संस्कृति, खेलकूद, युवा मामले विभाग के मंत्री हफीजुल हसन ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा और खेती-किसानी जीवन का आधार है। इसके बिना जीवन आगे नहीं बढ़ सकता। हर व्यक्ति एक घंटा खेती किसानी और एक घंटा बच्चों की पढ़ाई लिखाई पर ध्यान दें तो तस्वीर हद तक बदल जाएगी। आज लोग खेती किसानी से मुंह मोड़ रहे हैं। यह परिवार, समाज, राज्य और देश के लिए अच्छी बात नहीं लालपुर के किसानों ने सामूहिक अभिक्रम से अपने गांव की तस्वीर बदल कर यहां हरियाली लाया है। लालपुर गांव के मॉडल से आसपास के किसान सीख ले और अपने गांव में भी हरियाली -खुशहाली लाएं। कहा कि झारखंड सरकार किसानों की खुशहाली के लिए कई कल्याणकारी योजना लाई है। किसान इससे लाभान्वित हों। मंत्री हफीजुल हसन ने किसानों द्वारा लगाई गई खेती किसानी, पारंपरिक बीज प्रदर्शनी और हस्तशिल्प प्रदर्शनी का अवलोकन किया। किसानों के उत्पादों की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन शायर अबरार ताबिंदा ने किया। इसके पूर्व आदिवासी संस्कृति से ग्रामीणों ने नाचते गाते हुए मंत्री हफीजुल हसन का गांव में स्वागत किया। मौके पर मो० अताउल, आनंद, महानंद, जाफर, अफजल, सुशीला हेंब्रम, रितिका मरांडी, पंकज, विनोद, पूजा माता सुमित्रा, अताउल, जाकिर, मोहम्मद जावेद, विजय, ललिता, एनामूल, सागोरी,मनोज मंडल, मालोती बास्की, लाईसन, मती मुर्मू, श्यामली सहित लालपुर किसान क्लब के दर्जनों महिला पुरुष विशाल मेला की सफलता में जुटे रहे। किसान मेला में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम किसान गोष्ठी और खेलकूद का भी आयोजन किया जा रहा है। बुधवार को किसान मेला का पुरस्कार वितरण के साथ समापन होगा।
The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/stck