हजारीबाग I हजारीबाग में झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा 44 में स्थापना दिवस के अवसर पर संत कोलंबस ग्राउंड मैदान के मुख्य द्वार पर एक तोरण द्वार मनाया गया था। जिसमें एक तरफ टेकलाल महतो अमर रहे तो दूसरी तरफ हेमंत सोरेन अमर रहेगा तस्वीर लगी हुई थी। जिसे देखते ही क्षणभर में सोशल मीडिया के द्वारा वायरल हो गया। इसे झारखंड मुक्ति मोर्चा के कुछ नेताओं ने नादानी तो कोई नेताओं ने जिला अध्यक्ष शंभू लाल यादव को जिम्मेवार बताया
झारखंड मुक्ति मोर्चा के पूर्व केंद्रीय सचिव झामुमो के वरिष्ठ नेता रमेश कुमार साहू ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए जिला अध्यक्ष शंभू लाल यादव पर त्वरित कार्रवाई पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को करनी चाहिए।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के सदर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सह वरिष्ठ नेता संजय गुप्ता ने बताया कि यह जिला अध्यक्ष को देखने की जिम्मेवारी थी । लेकिन उन्होंने भूलवश नहीं देख पाया। जिससे इस तरह का गलत मैसेज पूरे झारखण्ड मे फैल रहा है।
वही पूर्व प्रवक्ता नौशाद आलम ने बताया कि यह बैनर लिखने वाले की गलती है। न जाने जिलाध्यक्ष किसको यह छापने दी थी। जो नादानी के रूप में ऐसा हम लोगों को अपमानित करने का काम किया एवं मुख्यमंत्री को भी अपमानित किया।
जिला सहसचिव राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि यह हम लोगों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। इसमें जिलाध्यक्ष को अपनी गलती को समझना चाहिए। यह सभी कार्य के लिए करना चाहते हैं जिसका दुष्परिणाम यह सब होता है।
वहीं झामुमो के वरिष्ठ नेता उमेश गुप्ता ने बताया कि यह हजारीबाग के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है ।जब हम लोग कार्यक्रम करवाते थे । तो संगठन में एकजुटता रहती थी, और काफी भीड़ लगी हुई रहती थी। साथ ही साथ सभी कार्यकर्ता इस कार्यक्रम को मनाने में रूची लेते थे। लेकिन अब कुछ दिनों से सभी कार्यकर्ता एवं नेता उदास हो गए हैं। जिसका यह दुष्परिणाम ही है। इससे संगठन भी कमजोर हो रहा है ,और विरोधियों को तंज कसने का मौका भी मिल रहा है ।इसकी जिम्मेवारी भी लेनी चाहिए।