संवाददाता, मसलिया ( दुमका ) I प्रखंड के सुगापहाड़ी पंचायत के सुगापहाड़ी गांव के गरीब मजदूर बाबुलाल मरांंडी मजदूरी करने के लिए मेट के माध्यम से बैंगलोर लगभग दो महीना पूर्व गया था। मजदूर बाबुलाल मरांंडी ( उम्र 22 वर्ष ) की मौत बैंंगलोर में ही हो गया। इसकी जानकारी परिजनों को तब हुआ जब उनके पुत्र का शव गांव पहुंचे।जानकारी के मुताबिक मसलिया प्रखंड के बड़ाडुमरिया गांव के मेट हिदायत अंसारी ने मृतक बाबुलाल मरांंडी के शव को बैंंगलोर मेंं ही पोस्टमार्टम कराने के बाद गुरुवार को एंबुलेंस से अपना घर सुगापहाड़ी शव को भेज दिया। लेकिन मेट शव के साथ नहीं आने पर परिजनों ने मेट श्री अंसारी के ऊपर रोष है। पांच दिन गुजर जाने के बावजूद भी मेट सुगापहाड़ी पहुंच कर परिजनों से भेट मुलाकात नहीं की।मजदूर बाबुलाल मरांंडी अपने पीछे पिता बनमाली मरांंडी तथा मां चुड़की मुर्मू के अलावा दो भाईयों को छोड़कर चले गए। मजदूर बाबुलाल मरांंडी का अंतिम संस्कार गांव में ही कर दिया गया है। मजदूर बाबुलाल मरांंडी के परिवार वालों ने अपना हक नहीं मिलने के कारण दुमका डीसी से भेट कर मेट बड़ाडुमरिया गांव के हिदायत अंसारी के खिलाफ एक लिखित आवेदन देने की विचार की है। सुगापहाड़ी गांव के मजदूर बाबुलाल मरांंडी के अलावा आधा दर्जन मजदूर काम की तलाश में अन्य राज्यों जाने के बाद जान चली गई। बाबुलाल मरांंडी के परिजनों ने सरकार से उचित मुआवजा देने की मांग की है।
सुगापहाड़ी गांव के मजदूर बैंगलोर में हुई मौत, गुरुवार घर पहुंचे पुत्र का शव
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