
नयी दिल्ली।
जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद गिरधानी यादव की लोकसभा सदस्यता पर संकट मंडराने लगा है।दरअसल लोकसभा में जनता दल यू के ही नेता दिलेश्वर कामैत ने अपनी ही पार्टी के सांसद पर ऐक्शन लेने की गुजारिश लोकसभा स्पीकर से की है। दिलेश्वर कामत ने जदयू सांसद गिरधारी यादव को अयोग्य ठहराए जाने की मांग की है। गिरधारी यादव पर पार्टी विऱोधी गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप है। गिरधारी यादव बांका से जेडीयू के सांसद हैं। बता दें कि इससे पहले गिरधारी यादव को पिछले साल जदयू ने एक कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। यह कारण बताओ नोटिस उन्हें एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण पर दिए गए बयानों के बाद भेजा गया था। इस नोटिस में कहा गया था कि एसआईआर पर सांसद गिरधारी यादव के बयान को पार्टी अनुशासन का उल्लंघन मानती है। पार्टी ने सांसद से जवाब मांगा था और जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की भी बात कही थी। गिरधारी यादव ने अपने बयान में कहा था कि अगर लोकसभा चुनावों के लिए वोटर लिस्ट सही थे तो कुछ ही महीनों में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए यह गलत कैसे हो सकते हैं? क्या मैं गलत मतदाता सूची के आधार पर निर्वाचित हुआ हूं? इसी के साथ सांसद ने चुनाव आयोग की आलोचना करते हुए कहा था कि आयोग ऐसे समय में इस प्रक्रिया को अंजाम दे रहा है जब बिहार बाढ़ जैसी स्थिति से जूझ रहा है और कृषि गतिविधियां भी यहां चरम पर हैं। गिरधारी यादव ने उस वक्त यह भी कहा था कि मतदाता सूची से जुड़ा यह काम छह महीने पहले ही हो जाना चाहिए था। उस वक्त गिरधारी यादव को भेजे गए नोटिस में पार्टी ने कहा था कि जदयू ने हमेशा चुनाव आयोग का समर्थन किया है। लेकिन इस संवेदनशील मुद्दे पर उनकी टिप्पणी पार्टी के लिए शर्मिंदगी का कारण बनी है।