गोड्डा। नालसा व झालसा के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से सोमवार को जिला मु़ख्यालय स्थित शर्मा टोला बजरंगबली मंदिर के समीप मैदान में महिला सेवा सप्ताह का आयोजन किया गया। इस दौरान महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में कानूनी सहित विविध जानकारी दी गई। डालसा की ओर से गठित टीम में शामिल लीगल डिफेंस काउंसिल के रितेश कुमार सिंह, लीली कुमारी के अलावा मध्यस्थ दिलीप कुमार झा, नगर परिषद की उपाध्यक्ष बेणु चौबे, समाजसेवी राजीव मेहता, अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य इकरारुल हसन आलम आदि ने विविध जानकारी दी।लीगल डिफेंस काउंसिल की लीली कुमारी ने कहा कि कानून में महिलाओं की रक्षा के लिए अनेक कानून बनाये गये हैं, ताकि महिलाओं को भी समाज में बराबरी का दर्जा प्राप्त हो। आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। कहा कि कानून की नजर में स्त्री की लज्जा भंग करना एक गंभीर अमानवीय अपराध है। ऐसा अपराध नारी की स्वतंत्रता एवं निजी जीवन और निजता पर हमला है। चाहे वह महिला किसी भी उम्र की हो सकती है। कई ऐसे कृत्य हैं जिससे स्त्री की लज्जा भंग होती है। इसमें सार्वजनिक स्थल पर महिलाओं को गाली देना, अश्लील बातें या हरकत करना, शरीर के किसी हिस्से को स्पर्श करना, पकड़ लेने, सार्वजनिक स्थल पर किसी स्त्री को निर्वस्त्र करने के लिए उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग करने, छेड़छाड़ करने आदि शामिल हैं। लज्जा भंग करने के आरोप में व्यक्ति को एक से पांच वर्ष कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
लीगल डिफेंस काउंसिल के रितेश कुमार सिंह ने कहा कि प्रत्येक वर्ष आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की परंपरा है। इस बार सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर अंतरराष्ट्रीय महिला सेवा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। कहा कि महिलाओं को भी पुरुष के समान संवैधानिक अधिकार प्राप्त हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से महिलाओं के सभी प्रकार के मामले की निशुल्क सुनवाई का प्रावधान है। महिलाओं को समाज में व्याप्त कुरीतियों को मिटाने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाने की जरुरत है ।
नगर उपाध्यक्ष बेणु चौबे ने कहा कि आज भी महिलाएं घरेलु हिंसा, दहेज प्रथा, मानव तस्करी का शिकार हैं। इसके लिए समाज की महिलाओं को जागरुक रहने की जरुरत है। कार्यक्रम को सफल बनाने में पीएलवी एनके झा, इंतेखात आलम, बासुदेव मणि, नंदन कुमार आदि की भूमिका सराहनीय रही।
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