गिरिडीह। नव चयनित सहिया संघ बगोदर की सहिया प्रतिनिधि टीम गिरिडीह उपायुक्त कार्यालय एवम असैनिक शल्य चिकित्सा कार्यालय सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी कार्यालय में अपनी मांग पत्र को जिसमें गिरिडीह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को हटाने की मांग करते हुए मांगपत्र को वितरित किया है। ज्ञात हो कि इन नव चयनित सहिया संघ 2016 में सरकार द्वारा रिक्तिपत्र विज्ञप्ति के माध्यम से ग्राम सभा के द्वारा चयनित हुई हैं परंतु आज तक इन्हें न तो इनका कोड दिया गया और न ही कोई मानदेय मिला है। इसे लेकर नव चयनित सहिया संघ का तीसरा अनिश्चितकालीन धरना बगोदर ब्लॉक में पिछले 6 फरवरी से चल रहा है। पूर्व में हुए धरना को मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा बनाई गई तीन सदस्यीय टीम ने यह लिखित आश्वासन देते हुए खत्म किया था कि सात दिनों के अंदर कोड दे कर इन्हें नियमित कर दिया जाएगा परंतु आज तक न तो इन्हें कोड ही दिया गया और न ही मानदेय मिला। माले नेत्री प्रीति भास्कर की ऑफिस में बैठक करते हुए नव सहिया संघ की अध्यक्ष सोनी कुमारी ने यह कहा कि यह अनिश्चित कालीन धरना तब तक नहीं हटेगी जब तक कोड प्राप्त न हो जाये और पुर्व का बकाया भुगतान नहीं हो जाता। वहीं सचिव हसिदा खातुन ने कहा कि माले विधायक बिनोद सिंह जी ने भी हमेशा इस मुद्दे पर पहल किया है बावजूद इसके मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी अपनी मनमानी कर रहें है। अगर अधिकारी कोड नहीं देंगें और पूर्व का भुगतान नहीं करते हैं तो यह संघ रीट के माध्यम से कोर्ट तक पहुचेंगे। माले नेत्री प्रीति भास्कर ने मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को कड़ी चेतावनी देते हुए यह कहा कि अगर आप अपनी ही बातों को स्वीकार करते हुए सहिया बहनों की उचित मांगों को नहीं मानते हैं तो जल्द ही माले और ऐपवा बड़ी आंदोलन करने को मजबूर होगी। बगोदर मुखिया संघ की अध्यक्ष और ऐपवा नेत्री सरिता साव ने कहा कि इस नियुक्ति में अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं और अब इस आंदोलन को जिला मुख्यालय उपयुक्त के समक्ष ले जाना है और उनसे न्याय की मांग करनी है। इस बैठक में संघ की कोषाध्यक्ष गुड़िया कुमारी और सदस्य आरती कुमारी सहित सैकड़ों महिलाएं भी मौजूद थीं।
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