शिव विवाह : आज भोलेनाथ बनेंगे दूल्हा, माता पार्वती बनेंगी दुल्हन

विवाहोत्सव के गीतों से गूंजी बाबा नागेश नगरी

महाशिवरात्रि के एक दिन पूर्व भोलेनाथ व माता पार्वती का हुआ हरिद्रालेपन

महाशिवरात्रि को लेकर भोलेनाथ-माता पार्वती के विवाह के एक दिन पूर्व हल्दी व उबटन का लेप लगाया गया

हरिद्रालेपन के पावन अवसर पर 'भोला भंडारी- गौरा के लगते उपटन, भोला भंडारी- गौरा के रूप सुहाना लागे' से गूंजी शिव नगरी

'सोना के कटोरवा उबटन डोरला, रूपा कटोरवा सरसों का तेल रे सोहनों लागे' से गूंजी बासुकीनाथ नगरी

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बासुकीनाथ। विश्व प्रसिद्ध बाबा बासुकीनाथधाम में शुक्रवार को हरिद्रालेपन के पावन अवसर पर ‘भोला भंडारी- गौरा के लगते उपटन, भोला भंडारी- गौरा के रूप सुहाना लागे’ से शिव नगरी गूंज उठी। बाबा बासुकीनाथ के फौजदारी दरबार में महाशिवरात्रि पर्व की शुरुआत शुक्रवार को संयत एवं लावा कांसा भुंजने के कार्यक्रम के साथ शुरू हुआ। इस अवसर पर यजमान बने उपायुक्त रविशंकर शुक्ला, मंदिर प्रभारी आशुतोष ओझा के हाथों से विधिकर शौखी कुंवर एवं उनके परिजनों ने समस्त वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न कराएं। इस मौके पर विधिकर महिलाओं एवं भक्तों के द्वारा विवाहोत्सव एवं तिलकोत्सव के प्रसिद्ध ग्रामीण गीत ‘भोला भंडारी- गौरा के लगते उपटन, भोला भंडारी- गौरा के रूप सुहाना लागे’ एवं ‘सोना के कटोरवा उबटन डोरला, रूपा कटोरवा सरसों का तेल रे सोहनों लागे। सोहो तेल लगाते बम भोला बाबा के, सोहो तेला लगाते गौरा पार्वती के’ सहित तिलकोत्सव एवं वैवाहिक गीतों से पूरा मंदिर परिसर दिनभर गुंजायमान रहा। हरिद्रालेपन एवं लावा-कांसा कार्यक्रम में स्थानीय सहित मिथिलांचल क्षेत्र, कोशी क्षेत्र व दूर-दराज से आये महिलाओं ने भाग लिया। यहां बता दें कि शनिवार को महाशिवरात्रि की देर शाम आयोजित होने वाले विवाह में बाबा बासुकीनाथ दूल्हा बनेंगे जबकि माता पार्वती दुल्हन बनेंगी। इस वर्ष भी परंपरा के अनुसार भोलेनाथ का विवाह संपन्न होगा। इस वर्ष चढ़ौल(पालकी) पर भोलेनाथ नगर भ्रमण करेंगे। शुक्रवार को आयोजित हरिद्रालेपन के कार्यक्रम में विधिकर शौखी कुंवर, फुलेश्वर कुंवर व उसके स्वजन सहित मन्दिरकर्मी लगे रहे। इस मौके पर मंदिर परिसर में लावा-कांसा की भूंजाई के उपरांत बासुकीनाथ निवासी पंडित दिवाकर झा के घर में लावा-कांसा की पिसाई की गई एवं बासुकीनाथ मंदिर के गर्भगृह में सरसों तेल, मेथी, लावा-कांसा मिश्रित उबटन बासुकीनाथ मंदिर के पुजारी सदाशिव पंडा, कृष्णदेव चौधरी, डब्लू बाबा, यजमान बने उपायुक्त रविशंकर शुक्ला, मंदिर प्रभारी आशुतोष ओझा के द्वारा बाबा बासुकीनाथ, माता पार्वती सहित दस महाविद्या को उबटन लगाया गया। यहां बता दें कि पूरे वर्ष में एक बार ही बाबा बासुकीनाथ पर सरसों तेल मिश्रित उबटन लगाया जाता है। इस मौके पर मंदिर परिसर में उपस्थित महिलाएं एवं श्रद्धालु ढोल-नगाड़े की धुन पर जमकर नाचे और शिव विवाह उत्सव का जमकर जश्न मनाया।

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