दुमका: सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की शुरुआत विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर डॉ. राजीव कुमार के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने इसे NEP के सुचारू क्रियान्वयन की दिशा में निर्णायक कदम बताया।
कार्यक्रम में डॉ. जयेन्द्र यादव, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर, ने यूजी नामांकन प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने पर बल दिया। उन्होंने दस्तावेज सत्यापन और पंजीकरण के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी, ताकि छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो।
कुलपति प्रो. कुनुल कंदीर ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय NEP 2020 को पूरी प्रतिबद्धता से लागू कर रहा है। उन्होंने इसे केवल पाठ्यक्रम बदलाव न मानकर शिक्षण-पद्धति की संस्कृति में व्यापक बदलाव की प्रक्रिया बताया। कुलपति ने सभी कॉलेजों के नोडल अधिकारियों से अपने-अपने संस्थानों में भी ऐसी कार्यशालाएं आयोजित करने का आग्रह किया।
NEP नोडल अधिकारी दीपक कुमार दास ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से संशोधित नियमावली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र 2025–29 से कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू होंगे। अब मेजर कोर्स के एक पेपर में भारतीय ज्ञान परंपरा को शामिल किया गया है। प्रयोगात्मक विषयों में 25 अंकों का प्रायोगिक मूल्यांकन अनिवार्य किया गया है। साथ ही ‘माइनर विषय’ की जगह अब ‘एसोसिएटेड कोर’ और ‘इलेक्टिव’ विषयों की नई व्यवस्था लागू होगी, जिससे छात्रों को विषय चयन की अधिक स्वतंत्रता मिलेगी। स्किल एन्हांसमेंट कोर्स में कंप्यूटर आधारित विषय भी शामिल किए गए हैं।
कार्यशाला के अंतिम सत्र में कॉलेजों के नोडल अधिकारियों के साथ खुला प्रश्नोत्तर सत्र हुआ, जिसमें कार्यान्वयन से जुड़ी शंकाओं का समाधान किया गया।
कार्यक्रम का समापन सहायक डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. पूनम हेम्ब्रम के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। आयोजन को सफल बनाने में एनईपी टास्क फोर्स के डॉ. इन्द्रजीत कुमार, पंकज और अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।