मधुपुर। शहर के वार्ड नंबर 15 स्थित 52 बीघा संख्या योग साधना पर केंद्रित कपिल मठ में प्रत्येक वर्ष उत्साह के रूप में आचार्य स्वामी हरिहरानंद आरण्य की स्मृति दिवस के रूप में बांग्ला सावंत के 5 पुश की उत्सव मनाया जाता है। बताया जाता है कि सामंत के पांचवी तारीख को ही गुफा में रह रहे स्वामी जी ने समाधि ली थी। इसलिए इसी तिथि के अनुसार हर वर्ष सावंत के 5 तारीख को कपिल मुनि जी का वार्षिक उत्सव मनाया जाता है। जिसमें मठ के शिष्य पश्चिम बंगाल के अलावे कई राज्यों से पहुंचते हैं। वार्षिक उत्सव 21 दिसंबर को होगा। हालांकि उत्सव के पहले दिन सुबह स्वामी भास्कर आरण्य गुफा से बाहर निकल कर भक्तों को दर्शन देंगे। जबकि वार्षिक उत्सव का मुख्य आयोजन 21 दिसंबर को होगा। इस दिन पूजा हवन किया जाएगा साथ ही प्रसाद के तौर पर खिचड़ी,और बुंदिया का वितरण किया जाएगा मधुपुर में इस मठ की स्थापना वर्ष 1927 में हुई सर्वप्रथम स्वामी हरिहरानंद आरण्य में इस मठ के गुफा में तकरीबन 21 साल तक संख्या योग साधना किया।वह योग से जुड़ी अनेकों पुस्तकें लिखी उनके द्वारा लिखा गया पुस्तक आज भी देश विदेश के 56 विश्वविद्यालयों में छात्र छात्राओं द्वारा पढ़ी जा रही है इसके बाद स्वामी धर्ममेष आरण्य ने 39 वर्ष मठ परिसर स्थित गुफा में रहे उन्होंने भी संख्या योग से संबंधित कई तथ्यों पर गहन विचार करते हुए पुस्तकों को लिखा वर्तमान में स्वामी भास्कर आरणय ने पिछले 34 वर्षों से गुफा में रहकर मौन साधनारत है। यह उत्सव हर वर्ष बांग्ला 5पौष को मनाया जाता है!
The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/hlc3
