तमिलनाडु कोर्ट ने मनीष कश्यप को वापस बिहार भेजने के लिए मुहर लगा दिया तब शायद बिहार के सत्ता में बैठे नेताओं को ये लगा कि मनीष कश्यप अगर तमिलनाडु से बिहार आता है और बिहार के कोर्ट से रिहा होकर के वापस जाता है तो शायद हमारी सरकार को और भी ज्यादानुकसान पहुँचा देगा आप खुश हो जाइए तेजस्वी यादव जी क्योंकि जिस लड़का ने एक सौ अस्सी दिनों के अंदर आपकी सरकार गिराने का कसम खा लिया था उस लड़का को आपसे टकराना इतना भारी पड़ा कि वो तमिलनाडु के जेल से अब इतनी आसानी से बाहर नहीं निकल पाएगा. जिस लड़का ने तेजस्वी यादव को नौवीं फेल कह के पूरे देश के लोगों के सामने अपना वीडियो रखा था उस लड़का को तेजस्वी यादव से टकराना उतना ही महंगा पड़ा जितना कोई गाड़ी किसी पहाड़ से टकरा के चकनाचूर हो जाता है मनीष कश्यप के ऊपर आरोप-प्यारोप लगाती रही लेकिन जब तमिलनाडु कोर्ट ने मनीष कश्यप को वापस बिहार भेजने के लिए मुहर लगा दिया तब शायद बिहार के सत्ता में बैठे नेताओं को ये लगा कि मनीष कश्यप अगर तमिलनाडु से बिहार आता है और बिहार के कोर्ट से रिहा होकर के वापस जाता है तो शायद हमारी सरकार को और भी ज्यादा नुकसान पहुँचा देगा इसके लिए बिहार के यशस्वी उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने तमिलनाडु के मंत्री एसटॉलिन से दो दिन पहले फोन पे बात किया था अब इसके लिए भी मेरे ऊपर एफआईआर नहीं करवा दीजिएगा कहा है कि इ बात हम नहीं कह रहे हैं एक मैंने सीनियर रिपोर्टर का रिपोर्ट देखा उसमें साफ तौर पर सीनियर रिपोर्टर साहब ये कह रहे थे कि मैंने अपने कुछ मित्रों से बात कहा तमिलनाडु कोर्ट ने मनीष कश्यप को वापस बिहार भेजने के लिए मुहर लगा दिया तो मुझे पता लगा मेरे मित्रों ने मुझे बताया कि तेजस्वी यादव की बात कल ही तो एसटॉलिन साहब से हुई है और तेजस्वी यादव ने उनको कहा कि जो लड़का मनीष कश्यप नाम का या आपके तमिलनाडु के मधुए सेंट्रल जेल बंद है वो बड़ा शातिर किस्म का है उसका अच्छे से ख्याल करिएगा एक दिन पहले मनीष कश्यप को तमिलनाडु से बिहार भेजने के लिए मधुरा के अदालत ने मोहर लगाया वहीं दूसरे दिन तमिलनाडु पुलिस ने मनीष कश्यप को देशद्रोह साबित करने के लिए और देशद्रोह का आरोप लगाते हुए एनएसए जैसे संगीन एक्ट जो है मनीष कश्यप पे इसलिए थोप दिया कि मनीष कश्यप तमिलनाडु के जेल से बाहर नहीं निकल पाए एनएसए का मतलब होता है नेशनल अगर इसको देहाती भाषा में कहा जाए तो देशद्रोह का मुकदमा जिसका मतलब आप समझते होंगे कि देशद्रोह का मुकदमा उस पे किया जाता है जो देश में दंगा भड़काने का काम करे या देश का विरोध करना शुरू कर दे ये ये मुकदमा जो है ये आरोप जो मनीष कश्यप के ऊपर तमिलनाडु पुलिस ने लगा दिया और बड़े दुःख के साथ बिहार के लोगों से ये मैं कह रहा हूँ आपको ये बताने का प्रयास कर रहा हूँ कि मनीष कश्यप को बिहार पुलिस गिरफ्तार करती है लेकिन बिहार में मनीष कश्यप के ऊपर एनएसए जैसे आरोप नहीं लगाए जाते हैं ये आरोप वहाँ लगाया जाता है जब तमिलनाडु की अदालत से मनीष कश्यप को वापस बिहार भेजने की बात की जा रही थी और मनीष कश्यप के लिए जेल से निकलने की तो बात छोड़ दीजिए ये केस लड़ना भी काफी मुश्किल हो जाएगा जेल से निकलने की बात तो मैं नहीं करूँगा लेकिन मनीष कश्यप के लिए सबसे बड़ी दुखद खबर यही है कि अब जिस तरीके का एनएसए एक्ट उनके ऊपर लगाया गया है तो एनएसए का मतलब देशद्रोह और जिस व्यक्ति के ऊपर देशद्रोह का मुकदमा दायर हो जाए जिनके ऊपर देश मुकदमा दर्ज हो जाए उनके लिए कोई भी वकील जो है कोर्ट में जाकर जज साहब के सामने मनीष कश्यप के लिए अपील नहीं करेंगे कि मनीष कश्यप को बरी किया जाए ऐसे मुकदमे में मनीष कश्यप को फंसा दिया गया है जो सबसे बड़ी बुरी खबर मैं आपको बता रहा था लेकिन ये अच्छी खबर उन लोगों के लिए है जो मनीष कश्यप को कल तक सोशल मीडिया पर विरोध करते थे ये खबर देश में राज्य की सरकारों के लिए है जो ये कतई नहीं चाहते कि मनीष कश्यप कभी भी जेल से बाहर निकल कर के आए और फिर से जनता के मुद्दा को उठाने प्रयास कर रहे हैं जैसे ही एनएसए मुहिम मनीष कश्यप पे लगा तो इसका एक और मतलब सबसे बड़ा ये होता है कि जिस व्यक्ति के ऊपर एनएसए लगा दिया जाता है उसको तीन महीने तक जेल में बंद करके रखा जाता है और तीन महीने की तो बात छोड़िए अगर वहां की सरकार और पुलिस चाहे तो बिना आरोप सिद्ध किए हुए मनीष कश्यप को एक साल तक के लिए भी जेल में बंद करके रख सकती है तो जब एनएसए जैसा मुकदमा मनीष कश्यप पर लगा दिया गया तो इसे साफ तौर पर ये जाहिर कि ना तो तमिलनाडु की सरकार चाहती है कि मनीष कश्यप को वापस बिहार भेजा जाए और ना ही बिहार की सरकार ये चाहती है कि मनीष कश्यप फिर से वापस बिहार आकर के हमारे सरकार को और हमारे को किसी प्रकार से कोई नुकसान पहुंचाए और गरीबों का आवाज ना उठाए कुल मिलाकर के बात यही तो मुझे लगा कि ये वीडियो करके आपको बताना चाहिए था कि जिस मनीष कश्यप के लिए बिहार के लोग ये उम्मीद कर रहे थे तमिलनाडु कोर्ट ने मनीष कश्यप को वापस बिहार भेजने के लिए मुहर लगा दिया कि मनीष कश्यप को कोर्ट ने कहा कि आप बिहार जाइए तो मनीष कश्यप आज बिहार आएंगे कल बिहार आएंगे या परसों बिहार आएंगे उन के उम्मीदों पे तमिलनाडु पुलिस ने पूरी तरह से पानी फेर दिया है और मनीष कश्यप के बिहार आने की तो बात छोड़ दीजिए बड़े दुःख के साथ बिहार के लोगों को ये बताना पड़ रहा है मनीष कश्यप के समर्थकों को ये बताना पड़ रहा है कि बिहार आने की तो बात छोड़िए तमिलनाडु के जेल से भी मनीष कश्यप का निकलना बड़ा मुश्किल हो गया है और उनके लिए सबसे बड़ी दुखद खबर तो ये भी है कि जिस एक्ट के तहत उनको जेल में अब रखा गया है उस एक्ट में यानी कि ऐसे जैसे मुकदमों में कोई भी वकील भी उनका केस नहीं लड़ पाएगा ये संविधान में लिखा हुआ और ये उन्नीस सौ अस्सी में तब पारित किया गया संसद भवन में जब उस समय देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी हुआ करती थी बाकी ये वीडियो देख के आपका विचार क्या कहता है अगर गाली देने का मन करेगा तो गाली दे दीजिएगा चूँकि हम लोग लगातार ये खबर चला रहे थे कि मनीष कश्यप आ जाएंगे कल या परसों आएंगे लेकिन आज ये खबर सुन के मुझे लगता है कि आपको बड़ा दुःख हुआ होगा तो अदालत पे भरोसा करना पड़ेगा अदालत ने अभी तक मनीष कश्यप के ऊपर जितने भी आरोप लगा है उसमें से किसी भी आरोप को सिद्ध नहीं किया है बाकी सभी तो जाँच का विषय जय हिंद, जय बिहार। तमिलनाडु कोर्ट ने मनीष कश्यप को वापस बिहार भेजने के लिए मुहर लगा दिया
तमिलनाडु कोर्ट ने मनीष कश्यप को वापस बिहार भेजने के लिए मुहर लगा दिया था तब कौन अड़चन लगा दिया
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