नाला में अवैध कोयला खनन को रोकने में टास्क फोर्स विफल

अंतरराज्यीय कोयला माफियाओं का गैंग करता है खनन

जामताड़ा। जामताड़ा में अवैध खनन को लेकर गठित जिला टास्क फोर्स अवैध खनन को रोकने में पूरी तरह विफल साबित दिख रहा है। जिसका नतीजा नाला थाना क्षेत्र के बेलडंगाल इलाके में देखा गया। जहां अवैध रूप से कोयला उत्खनन के लिए कोयला माफियाओं द्वारा दर्जनों कुंआ नुमा सुरंग में बनाए गए हैं। इन्ही नए सुरंगों में बंगाल के मजदूर को भी काम कराने लाया गया था।बीते दिन मजदूर की चालू खदान में काम करने के दौरान मौत हो गई थी । सूत्रों के अनुसार लाश को बगल के बंद पड़े खदान में ठिकाना लगाया गया था। इस रैकेट में नाला विधानसभा क्षेत्र के ही नाला क्षेत्र के कोडराबाद गांव का एक कोयला माफिया सरगना है।इस गैंग में नाला क्षेत्र के ही मोहिदनगर गांव के तीन कोयला तस्कर और पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिला के बाबूयजोड़ का एक और बड़कला गांव का एक कोयला माफिया सक्रिय है।सूत्र यह भी बताते हैं ये सभी बंगाल से सटे नाला क्षेत्र में ही बंगाल और नाला के मजदूरों से अवैध सुरंग बनवाकर कोयला निकालकर मोटी कमाई कर रहे हैं।जबकि मजदूर मर रहे हैं। इन माफियाओं के ऊपर एक बड़े का हाथ रहने के कारण प्रशासन भी कुछ करने से कतराते हैं। खैर जो भी हो मामले को लेकर लोगों की दबी जुबान में चर्चा है कि अवैध खनन के बदौलत अंतर राज्यीय कोयला चोरों का संगठित गिरोह इस काम को बेधड़क अंजाम देता रहा है। भले ही डोजरिंग की जाती है लेकिन उसके बाद अवैध कोयला कारोबारी फिर से नई जगह में नए-नए सुरंग लगातार अवैध कोयला उत्खनन कर ही रहे हैं। बेलडंगाल के अलावे कास्ता, परिहारपुर, सुल्तानपुर, जोरकुड़ी, पलास्थली में भी अवैध कोयला खनन कर माफिया मालामाल हो रहे हैं।
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