रांची। शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन बुधवार को विधानसभा में कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के सदस्यों ने भाजपा पर झारखंड विरोधी होने का आरोप लगाया तो भाजपा ने भी सरकार पर राजनीति करने का आरोप मढ़ दिया। आरोप-प्रत्यारोप के कारण थोड़ी देर के लिए हंगामा होता रहा, लेकिन थोड़ी देर बाद सदन की व्यवस्था फिर से बहाल हुई।
राज्य में इमरजेंसी जैसे हालात
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही उठ खड़े हुए और आरोप लगाया कि राज्य में इमरजेंसी जैसे हालात हैं। युवाओं को सड़क पर आने नहीं दिया जा रहा है, हजारों की संख्या में युवकों को थानों में बैठाकर रखा गया है। उन्होंने पूछा कि ऐसा क्या हो गया है, जिसकी वजह से युवाओं को रोका जा रहा है।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही उठ खड़े हुए और आरोप लगाया कि राज्य में इमरजेंसी जैसे हालात हैं। युवाओं को सड़क पर आने नहीं दिया जा रहा है, हजारों की संख्या में युवकों को थानों में बैठाकर रखा गया है। उन्होंने पूछा कि ऐसा क्या हो गया है, जिसकी वजह से युवाओं को रोका जा रहा है।
विधानसभा में नियोजन नीति, नौकरी और युवाओं के मुद्दे पर हंगामा बुधवार को भी जारी रहा। भाजपा के विधायकों ने आसन के सामने पहुंचकर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। विधानसभा अध्यक्ष के आग्रह के बावजूद नारेबाजी जारी रही। इस बीच व्यवस्था के तहत भानु प्रताप शाही ने कहा कि हमलोग सदन में सड़क-नाली पर चर्चा के लिए नहीं आए हैं। लाखों युवा सड़क पर हैं। सरकार बताए कि राज्य में कौन सी नियोजन नीति लागू है। उन्होंने नियोजन नीति पर चर्चा की मांग की। आरोप लगाया कि विधि विभाग की आपत्ति के बाद भी जान-बूझकर ऐसी नीति बनाई गई थी। सरकार युवाओं से खिलवाड़ कर रही है।
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