सीसीएल के कोयला ढोने के कार्य मे लगे वाहन ने ली एक और निर्दोष की जान

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चरही। चरही थाना अंतर्गत मंगलवार को चरही-घाटों रोड में 45 कांटा के समीप पैदल सड़क पार कर रहे युवक को तेज रफ्तार एक हाईवा (जेएच 02 एएक्स 2443) ने रौंदा दिया। इस हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार चरही थाना क्षेत्र के 45 कांटा के रहने वाले राजेश मांझी पिता झरी मांझी (30 वर्ष) 45 कांटा के समीप सड़क पार कर अपने घर के ओर जा रहे थे। इसी बीच तेज रफ्तार हाईवा ने युवक को पीछे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि युवक का माथा पहिए के नीचे आ गया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद हाईवा चालक भागने में सफल रहा। हादसे की जानकारी होते ही मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर शव को सड़क पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। घंटों चले प्रदर्शन के बाद मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार सिंह व पुलिस निरीक्षक महेंद्र कुमार सिंह ने परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया। वही चरही पुलिस द्वारा हाईवा जब्त कर हाईवा मालिक व चालक पर मामला दर्ज कर लिया गया है।

सीसीएल और डीटीओ के सुरक्षा संबंधी नियमो की अनदेखी, से होती है दुर्घटनाए
हजरीबाग क्षेत्र अंतर्गत सिसिएल द्वारा संचालित परियोजनाओं में सुरक्षा को लेकर घोर लापरवाही बरती जाती है। झारखंड, परेज, तापिन साउथ, और तापिन नार्थ परियोजनाओं से चरही रेलवे कोल् साइडिंग तक चलने वाले हाइवा ट्रकों के लिए सीसीएल द्वारा कोई भी वैकल्पिक सड़क नही बनाया गया है। हालाँकि वैकल्पिक मार्ग को लेकर एक योजना प्रस्तावित है परंतु अब उसे धरातल पर नही उतरा जा सका है। वैकल्पिक मार्ग न होने की वजह से सीसीएल की ट्रांसपोर्टिंग गाड़िया चरही-घाटों रोड और एनएच 33 होते हुए चरही रेलवे साइडिंग तक पहुंचती है। इस बीच कई घनी आबादी वाले इलाकों से गाड़ियां गुजरती है। लगभग सभी हाइवा ट्रक ज्यादा से ज्यादा चक्कर लगाने के लिए लोड कोयले को बिना ढके ही गति सिमा से अधिक तेजी से चलते है। और तो और हाईवा के डाला को जोड़कर तय सीमा से अधिक उपकर तक कोयला लोड कर परिवहन किया जाता है। इससे धूल-गर्दा तो उड़ता ही है साथ ही कई बार राहगीरों पर भी कोयले का टुकड़ा गिर जाता है। यही नही सीसीएल के ट्रांसपोटिंग में चलने वाले ज्यादातर हाइवा ट्रकों के चालकों के पास ट्रक चलाने का वैध लाइसेंस भी नही है। यही नही हाईवा चालक लगातर 24 घंटे का शिफ्ट लगाते है, जिससे उन्हें आराम कर थकान मिटाने का मौका भी नही मिलता। परिणामस्वरूप आये दिन इन वाहनों से सड़क हादसों में किसी न किसी कि मौत हो जाती है। क्षेत्र के लोग इसका जिम्मेदार सिसिएल को मानते है। 

सीसीएल में परिवहन कार्य मे लगे वाहनों से हुई मौत की कुछ घटनाएं
हाल ही में 10 नवंबर 2022 को सीसीएल हजारीबाग एरिया के तापिन नॉर्थ परियोजना के माइनिंग प्रबंधक एके शर्मा सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जाता है कि वे ड्यूटी समाप्त कर अपने क्वार्टर तापिन साउथ बाइक से जा रहे थे। रास्ते में 23 नंबर के पास विपरीत दिशा से आ रही अज्ञात अनियंत्रित हाइवा ठोकर मारते हुए भाग गया। 
सीसीएल के तापिन नार्थ कोलियरी के इलेक्ट्रीशियन 27 वर्षीय रोहित कुमार पासवान की 2 मार्च 2021 को सड़क हादसे में मौत हो गई थी। रोहित ड्यूटी के दौरान बयालीस नंबर से बिजली ठीक करके अपनी बाइक से वापस तापिन परियोजना आ रहा था। इसी क्रम में पिडरा के पास विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक नंबर जेएच 02 यू 9615 ने बाइक को चपेट में ले लिया।
27 सितंबर 2020 को तापिन साउथ मोड़ के पास हाईवा से इंदरा गांव निवासी लियाकत अंसारी की मौत हो गयी थी। 14 फरवरी 2018 को रामगढ़ जिद्दी थाना क्षेत्र के निवासी रामचंद्र मांझी और एक व्यक्ति को चरही घाटों मोड़ पर हाईवा ने अपने चपेट में ले लिया था।
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