प्रखंड के पदाधिकारियों पर नहीं था भरोसा तो जिले के अधिकारी आकर जरमुंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कि आज जांच

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दुमका/ नगर पंचायत बासुकिनाथ के रहने वाले बबलू यादव की पत्नी का डिलीवरी 12 जनवरी को होना था। लेकिन डिलीवरी के कुछ देर बाद ही नवजात बच्चे की मौत हो जाती है। बबलू ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जरमुंडी के स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया था। लेकिन लोगों के समझाने के बाद और प्रखंड स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर जब भरोसा नहीं हुआ। तो इसकी शिकायत जिले के उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला को कर डालें। देर ही सही लेकिन करीब 1 महीने बाद जिले के जांच टीम जरमुंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर। सभी तत्वों का जांच कर रही थी साथ ही मौजूद डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी से लिखित जवाब भी जांच टीम ने लिया।आपको बता दें कि बीते 12 जनवरी को सुबह के 6:00 बजे 108 एंबुलेंस से जरमुंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबलू अपनी पत्नी को डिलीवरी के लिए लाया। डिलीवरी सही सलामत होने के बाद नवजात बच्चे की स्थिति को देखते हुए प्राथमिक इलाज डॉ और स्वास्थ्य कर्मी द्वारा शुरू किया गया। लेकिन डॉक्टर के अथक प्रयास के बावजूद भी नवजात बच्चे को नहीं बचाया जा सका। नवजात बच्चे के पिता का आरोप है स्वास्थ्य कर्मी के ढुलमुल रवैया के कारण और समय से सूचना नहीं देने के कारण आज बच्चे हम लोगों के बीच नहीं हैं।वहीं स्वास्थ्य कर्मी किरण कुमारी बताती हैं कि 6:50 में डिलीवरी के लिए पेसेंट आता है। मां और बच्चे के धड़कन सामान्य होते हैं डिलीवरी भी होती है। लेकिन इसके आगे क्या हुआ मुझे नहीं पता। जिले से आए जांच टीम के अधिकारी बताते हैं कि शिकायतकर्ता की शिकायत पर जांच टीम यहां पहुंची है ।स्वास्थ्य कर्मी पर लापरवाही का आरोप लगाया गया है सभी तत्वों की जांच की जा रही है सभी तत्वों का अध्ययन भी किया जा रहा है तत्व को देखते हुए निष्कर्ष पर पहुंचकर इस पर निर्णय लिए जाएंगे।

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