बाल विवाह एवं बाल मजदूरी की रोकथाम के लिए  आंगनबाड़ी सेविकाओं को दिया गया प्रशिक्षण

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मधुपुर। कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन नई दिल्ली के सहयोग से प्रखंड कार्यालय मधुपुर में आंगनवाडी सेविकाओं का दिल्ली से आई प्रशिक्षक कविता जी एवं रांची के स्टेट कोऑर्डिनेटर साकेत कुमार द्वारा बच्चों के कानून पर प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें मुख्य रुप से बाल ट्रैफिकिंग, बाल मजदूरी, बाल विवाह इनसे जुड़े कानून की जानकारी दी गई और बताया गया कि इन सभी मुद्दों पर तभी रोक लग सकता है जब ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समिति मजबूत होगी और सारे बाल संरक्षण समिति के सदस्य सक्रिय होंगे! क्योंकि इन सभी रोक पर ही हम एक बेहतर समाज की बुनियाद रख सकते हैं इसके लिए प्रखंड से शहरी क्षेत्र के सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को जागरूक होना जरूरी है! क्योंकि गांव की सबसे बड़ा समाज सेवक आंगनबाड़ी सेविका ही होती है इसके लिए आप सभी को खासकर महिलाओं को जागरूक करना जरूरी है क्योंकि कम उम्र में विवाह होना लड़का और लड़की दोनों को नुकसान होता है और जीवन में कई कठिनाइयां आती रहती है इसीलिए बाल विवाह पर रोक लगना जरूरी है! साथ ही बाल मजदूरी एक बड़ा जुर्म है क्योंकि बच्चे से मजदूरी कराना उनकी जिंदगी के साथ खिलवाड़ करना होती है इसीलिए पढ़ने की उम्र में बच्चे को पढ़ने दे इनसे मजदूरी कराना बंद करें वरना कानून के शिकंजे बहुत लंबी है इससे बच नहीं पाओगे! इसके लिए सभी आंगनबाड़ी सेविका अपने गांव टोला में खासकर महिलाओं को जागरूक करें तभी हम बेहतर समाज के साथ गांव की तरक्की देख सकते हैं!
*इस प्रशिक्षण में150 आंगनवाड़ी सेविकाओं ने हिस्सा लिया मौके पर सुपरवाइजर निवेदिता नटराजन, सालंती हेंब्रम , की मुख्य भूमिका रही और प्रशिक्षण में भाग ली इस को सफल बनाने में जिला समन्वयक किरण कुमारी और कांति , बच्चन देव, खुशवंत , अशोक मांझी की मुख्य भूमिका रही। 
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