बिरनी। जनवरी माह प्रवेश के साथ ही कड़ाके की ठंड पड़ रही है। । झारखंड में अधिकतम तापमान का पारा नीचे आने के कारण दिन में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। राज्य भर में दिन के दौरान कनकनी बढ़ गई है। प्रखण्ड क्षेत्र में भी मौसम का मिजाज ठंढ़ा है। मंगलवार को कड़ाके की ठंड में बच्चे बिना स्वेटर के या फिर घर के स्वेटर पहनकर स्कूल जा रहे हैं। जबकि 1-8 तक के कक्षा के छात्र-छात्राओं को विद्यालय की ओर से स्वेटर मिलने का प्रावधान है। मंगलवार की पड़ताल में प्रखण्ड के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय दोनीयां में अब बच्चों को ड्रेस नहीं मिल पाया है। कारण पता करने की कोशिश की गई तो विद्यालय के सचिव हैदर अली गयाब थे। अन्य सहायक शिक्षक मंजूर अहमद ने बताया कि आकलन परीक्षा का फॉर्म भरने के लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वेंडर ने सभी बच्चों का ड्रेस नहीं दिया है इस वजह से ड्रेस नहीं बांटा गया है। कुछ बच्चों के ड्रेस का पैसा खाते में भेजा गया है परन्तु उन बच्चों के खाते में पैसा सो नहीं कर रहा है। सचिव से फोन पर बात किया तो उन्होंने बताया कि समिति ने ड्रेस बांटने से मना किया है इस वजह से बच्चों को ड्रेस नहीं मिला है। वहीं दूसरी ओर अध्यक्ष शम्मा खातून ने बताया कि मेरे ओर से ड्रेस बांटने के लिए मना नहीं किया गया है। विद्यालय के सचिव अपने मनमानी से काम करते हैं । विद्यालय का रंग-रोगन में भी अनिमियता बरती गई है। सिर्फ बाहर -बाहर रंग किया गया एवं पैसे का बन्दर-बांट कर लिया गया। सचिव अपना प्राइवेट प्रेक्टिस करते हैं कई बार विद्यालय छोड़ कर कॉल में जाते हैं।
बता दें कि विभाग की ओर से 1 से 2 कक्षा के छात्र-छात्राओं को स्थानीय भेंडर की ओर से स्वेटर मुहैया कराना है । वहीं 3 से 8 कक्षा के छात्र-छात्राओं को लगभग 600 रुपए की राशि स्वेटर खरीदने के बैंक खाते में भेजा जाना था।
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