हम ढूंढने की कोशिश कर रहे कि बजट में झारखंड को क्या मिला : हेमंत सोरेन

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रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वे एक आशावादी व्यक्ति हैं। कोरोना काल के बाद पेश किये गये इस बजट से उनके जैसे करोड़ों आदिवासी, दलित, पिछड़े, किसान, युवा, महिला और मजदूर उम्मीद में थे।
सीएम सोरेन ने कहा कि हमें उम्मीद थी कि स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार को लेकर विशेष घोषणाएं की जाएंगी। उम्मीद थी कि जीएसटी कंपनसेशन के लिए समय बढ़ाया जाएगा लेकिन आशा के विपरीत शिक्षा, स्वास्थ्य एवं ग्रामीण भारत की जीवन रेखा मनरेगा के बजट में कटौती की गई है। हेमंत सोरेन ने कहा कि नौकरी, रोजगार, महंगाई जैसे विषयों पर बजट की चुप्पी चिंताजनक है। कृषि उत्पादों पर मिलने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी को बढ़ाने पर कोई चर्चा नहीं की गई है। केंद्र सरकार ने मान लिया है कि इनके घोषणा करने मात्र से ही किसानों की आय दोगुनी हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम तो झारखंड की नजर से इसमें अपने राज्य के लिए क्या किया गया है, वह ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं। देश को प्रति किलोमीटर रेल पटरी के आधार पर सबसे ज्यादा मुनाफा कमा कर देने वाला झारखंड है। ऐसे में यात्री रेल के परिचालन का दायरा बढ़ना चाहिए था। हमें नई रेल लाइन मिलनी चाहिए थी। नई ट्रेन मिलनी चाहिए थी।
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