झारखंड के गोड्डा के महागामा विधायक ने अचानक एनएच 133 के तालाबों भरें कीचड़ से स्नान करना शुरू कर दिया। लोगों को समझ में तक तक लौटा लेकर विधायक दीपिका पाण्डेय सिंह स्नान करने लगी। दरअसल महागामा विधायक केन्द्र सरकार का विरोध कर रही थी उनका आरोप है कि केन्द्र सरकार के अंर्तगत आने वाले एनएच 133 की मरम्मति नहीं की जा रही है इसके लिये गोड्डा सासंद निशिकांत दूबे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि गोड्डा सासंद ने जनता से किया हुआ वादा पूरा नहीं किया है। विधायक दीपिका पाण्डेय सिंह सुबह फेसबुक पर पोस्ट कर लिखा कि “आज यह मजबूरी है कि जनप्रतिनिधियों को खुद सड़क पर उतरना पड़ रहा है, यह भी गंगा जल है जो नदी नहीं सड़क पर है। .उन्होंने कहा कि इंतजार नहीं करूंगी, आज से अनिश्चित समय तक में यही रहूंगी जब तक काम शुरू नहीं होता। मुझे जनता ने भरोसे से प्रतिनिधि चुना है जुमले की बात करने के लिए नही। विधायक दीपिका ने आगे कहा कि सरकार की छवि को खराब करने की मंशा मेरी नहीं लेकिन इसके सिवा कोई दूसरा रास्ता भी नहीं. कोई भी व्यक्ति ऐसी परिस्थिति में जनता के हाल को अगर खुद पर अमल करके देखे तो सच समझ में आएगा.
गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने दिया दीपिका को जवाब
जिस तरीके से जल समाधि की बात दीपिका पांडे सिंह ने फेसबुक पर रखी उसी तरीके से गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने दीपिका पांडे सिंह को जवाब देते हुए फेसबुक पर ही अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा है कि “महगामा की कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी के खिलाफ धरने पर बैठीं हैं, नेशनल हाइवे स्टेट पथ का निर्माण विभाग रख रखाव करता है. केन्द्र सरकार ने छह माह पूर्व ही 75 करोड़ की राशि इस सड़क की मरम्मती के लिए दे दी है.राज्य सरकार का पथ निर्माण विभाग जिसके मंत्री हेमंत सोरेन जी हैं की लापरवाही या कमीशन खोरी के कारण सड़क की मरम्मती नहीं हो पा रही है. सांसद ने आगे कहा है कि इसके पहले भी कांग्रेस की ओर से महगामा- दिग्घी पथ पर धान रोपी जा चुकी है, मैंने उस दिन भी कहा था कि यह राज्य सरकार का रोड है, कल ही इस पथ का शिलान्यास मुख्यमंत्री ने किया, विधायक भी साथ थीं
