पाकुड़: महेशपुर के गायबथान गांव में गुरुवार शाम जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसा हुई, जिसके बाद से गांव में तनाव है। इस विवाद में आदिवासी समुदाय का कहना है कि मुस्लिम समुदाय द्वारा उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है और विरोध करने पर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की गई।
डॉ. हुडिंग मरांडी ने बताया कि इस घटना में दो पीड़ित गंभीर रूप से घायल हुए हैं और अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने विधायक पर आरोप लगाया कि वे इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। डॉ. हुडिंग ने कहा, “विधायक ने थाना से लेकर जिला तक पैरवी की, जिससे दोषियों को अब तक जेल नहीं भेजा गया। अगर विधायक सचमुच न्याय चाहते, तो दोषियों को सजा मिलती।”
डॉ. हुडिंग मरांडी ने आगे कहा कि विधायक ने गांव का दौरा किया, लेकिन ग्रामीणों के सवालों का जवाब नहीं दिया और भाग गए। उन्होंने कहा, “विधायक अब चुनाव नजदीक देखकर वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं। आदिवासियों के दुख-दर्द से उनका कोई लेना-देना नहीं है। अब घड़ियाली आंसू से काम नहीं चलेगा।”
वहीं, महेशपुर विधायक ने रविवार को गांव का दौरा कर दोनों पक्षों के साथ बैठक की और आपसी भाईचारे से रहने की अपील की। विधायक ने इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने का विरोध किया और इसे मात्र एक जमीन विवाद बताया। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा मामूली घटनाओं को सांप्रदायिक रूप देने में माहिर है और यहां भी वही प्रयास कर रही है।
फिलहाल, गायबथान गांव में शांति बहाल है और प्रशासन ने विवादित जमीन पर धारा 144 लागू कर दी है। पुलिस प्रशासन मौके पर तैनात है और दोनों पक्षों ने महेशपुर थाने में मामला दर्ज कराया है।