पंचायत सहायकों की बड़ी बैठक दुमका में आयोजित, जिला टीम का किया गया पुनर्गठन – सुविधा नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी
दुमका। पंचायत सहायक संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को दुमका के आउटडोर स्टेडियम में आयोजित की गई। इस बैठक में झारखंड सरकार द्वारा कैबिनेट से पारित पंचायत सहायकों को मिलने वाली सुविधाओं को जमीन पर लागू करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही पुरानी जिला समिति को भंग करते हुए नई जिला समिति का गठन किया गया, जिसमें जिले के सभी 10 प्रखंडों से सैकड़ों पंचायत सहायक शामिल हुए।
बैठक में उपस्थित पंचायत सहायकों ने बताया कि सरकार ने पत्र जारी कर पंचायत सचिवालय में सहायकों के लिए कई तरह की सुविधाएं सुनिश्चित की हैं, लेकिन ये सुविधाएं अब तक सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। पंचायत स्तर पर न तो निर्धारित मानदेय मिल रहा है और न ही काम करने के लिए कोई उचित व्यवस्था की गई है।
पंचायत सहायक संघ के अनुसार, पूर्व में पंचायत स्वयंसेवक के रूप में काम कर रहे लोगों को सरकार ने अब ‘पंचायत सहायक’ का दर्जा दिया है और प्रोत्साहन राशि को हटाकर मानदेय की व्यवस्था की है। इन्हें दो पालियों में नियमित रूप से पंचायत सचिवालय में कार्य करना होता है और वहां एक अलग कमरा भी आवंटित किया जाना था। लेकिन अधिकांश पंचायतों में आज तक कोई कमरा नहीं दिया गया है, जिससे सहायक जहां-तहां बैठकर काम करने को विवश हैं।
पंचायत सहायक संघ की नई जिला टीम का गठन किया गया जिसमें अजय कुमार गुप्ता को जिला अध्यक्ष, विद्युत साहा एवं कल्पना मुर्मू को जिला उपाध्यक्ष, अशोक कुमार राय को जिला सचिव, दिलीप राउत को उप सचिव तथा सुतीराम हेम्ब्रम को अन्य पदों पर नियुक्त किया गया।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि पंचायत सहायकों का मानदेय जनवरी 2025 से लंबित है, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है। कई बार प्रखंड से जिला स्तर तक आवेदन देने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है। यदि एक सप्ताह के भीतर पंचायत सहायकों को सुविधाएं और लंबित मानदेय नहीं मिलता है, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।