रांची: नामकुम स्थित आरसीएच कार्यालय में सोमवार को एक दुर्लभ ओरनेट फ्लाइंग स्नेक (तक्षक नाग) को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। इस सांप को पिठोरिया के स्नेक रेस्क्यूवर एंड वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन सोसाइटी के रमेश कुमार महतो ने सुरक्षित पकड़ा।
दुर्लभ प्रजाति का सांप
रेस्क्यू के दौरान पता चला कि यह सांप लगभग 3 फीट लंबा था और यह पहली बार झारखंड में पाया गया है। रमेश महतो ने बताया कि यह सांप रेयर श्रेणी में आता है और आमतौर पर पठारी इलाकों के झाड़ीदार क्षेत्रों में पाया जाता है। यह सांप अपनी खासियतों के लिए जाना जाता है, जैसे कि 100 फीट ऊंचाई से छलांग लगाना और अधिकतर समय पेड़ों पर रहना। इसका मुख्य आहार छिपकली और कीड़े-मकौड़े हैं।
शोध के लिए बिरसा जैविक उद्यान को सौंपा जाएगा
रमेश महतो ने कहा कि इस सांप पर जेनेटिक शोध किया जाएगा। इसलिए इसे बिरसा जैविक उद्यान को सौंपा जाएगा, जहां इस पर अध्ययन किया जाएगा और इसके संरक्षण के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
रेस्क्यू से जागरूकता
यह घटना न केवल दुर्लभ जीवों के संरक्षण की ओर एक कदम है, बल्कि पर्यावरण और जीव-जंतुओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी एक अच्छा उदाहरण है। वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन सोसाइटी के इस प्रयास की क्षेत्र में सराहना हो रही है।
यह पहली बार है जब झारखंड में इस प्रजाति का सांप मिला है, जो राज्य में जैव विविधता के महत्व को रेखांकित करता है।