झारखंड में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत 73 करोड़ की सम्मान राशि वितरित

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झारखंड के मुख्यमंत्री ने संताल परगना प्रमंडल के जामा प्रखंड स्थित पांजनपहाड़ी में आयोजित मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत 7.32 लाख महिलाओं को 73.29 करोड़ रुपये की सम्मान राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्यभर की महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके चेहरे पर मुस्कान लाने के उद्देश्य से चल रही विभिन्न योजनाओं की सराहना की। उन्होंने महिलाओं की भागीदारी को राज्य के विकास के लिए अनिवार्य बताते हुए कहा कि आधी आबादी को सशक्त करना ही राज्य को प्रगति के पथ पर ले जाएगा।

सरकार का गांव-गांव तक पहुंचने का प्रयास

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार अब ग्रामीण इलाकों तक सीधे पहुंच रही है। चार साल पहले तक जिन लोगों ने ब्लॉक ऑफिस भी नहीं देखा था, उनके दरवाजे पर अब सरकार खुद पहुँच रही है। अधिकारियों की टीम गांवों में जाकर समस्याओं को सुन रही है और उनका समाधान कर रही है। जो समस्याएं तुरंत हल नहीं हो पातीं, उन्हें सरकार तक पहुंचाया जा रहा है ताकि आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

गांवों की मजबूती से राज्य का विकास

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य का विकास तभी संभव है जब गांवों को मजबूत बनाया जाए। इसी दृष्टिकोण के साथ सरकार “आपकी योजना- आपकी सरकार- आपके द्वार” कार्यक्रम चला रही है, जिसके तहत गांव-गांव और टोले-टोले में शिविर लगाकर सरकारी योजनाओं से अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को जोड़ा जा रहा है। यह कार्यक्रम भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।

किसानों के लिए वैकल्पिक कृषि पर जोर

मुख्यमंत्री ने किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण पारंपरिक खेती के अलावा वैकल्पिक कृषि को अपनाना जरूरी है। बिरसा हरित ग्राम योजना, दीदी बाड़ी योजना और मुख्यमंत्री पशुधन योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं।

विकास का नया पैमाना

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में सरकार ने राज्य के आदिवासी, मूलवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, किसान, मजदूर, बुजुर्ग, महिला और युवाओं के लिए जो कार्य किए हैं, उसने विकास का नया आयाम स्थापित किया है। कोई भी बुजुर्ग अब पेंशन से वंचित नहीं है, किसानों के दो लाख रुपये तक के लोन माफ किए गए हैं, और बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए उत्कृष्ट विद्यालय खोले गए हैं। बच्चियों की शिक्षा के लिए सावित्रीबाई किशोरी समृद्धि योजना के तहत उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और कदम

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संताल परगना प्रमंडल की 7.32 लाख से अधिक बहन-बेटियों के खातों में 73.29 करोड़ रुपये की सम्मान राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। इस राशि का वितरण दुमका, देवघर, साहिबगंज, गोड्डा, पाकुड़ और जामताड़ा जिलों की महिलाओं के बीच किया गया। इस अवसर पर राज्य के मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जिला परिषद अध्यक्ष, प्रमंडलीय आयुक्त, उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम से महिलाओं में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है, जो राज्य के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है

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