देवीपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान देवीपुर देवघर के निदेशक डा०सौरभ वाषॅन्येय के निदेॅश पर विश्व डायबिटीज दिवस के अवसर पर सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवीपुर में एम्स के डाक्टर तेजेन्द्र पाल ने नर्सिंग ऑफिसर विजय सिंह मीणा,पूजा पोहिल्ला के सहयोग से डायबिटीज रोग से पीड़ित दजॅनों मरीजों की आंख का जांच किया और दवा पचीॅ पर लिखा। नेत्र रोग विशेषज्ञ डाक्टर तेजेन्द्र पाल ने कहा कि डायबिटीज मरीज के आंखों के रेटिना पर इसका असर पड़ता है।अनियंत्रित डायबिटीज के मरीजों को अंधेपन का खतरा बना रहता है।भारत में 100 मिलियन डायबिटीज मरीज हैं।यह एक महामारी से कम नहीं है।इसके लिए नियमित रूप से डायबिटीज का इलाज और उसपर नियंत्रण आवश्यक है। डायबिटीज मरीजों को नियमित रूप से आंख की जांच और इलाज की आवश्यकता है।सुगर नियंत्रण के लिए संयमित खान पान पोषाहार और इलाज की आवश्यकता है।डायबिटीज जानलेवा ना बने इसके लिए जागरूकता एवं नियमित रूप से इलाज आवश्यक है।देवीपुर
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान देवीपुर देवघर के निदेशक डा०सौरभ वाषॅन्येय के निदेॅश पर विश्व डायबिटीज दिवस के अवसर पर सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवीपुर में एम्स के डाक्टर तेजेन्द्र पाल ने नर्सिंग ऑफिसर विजय सिंह मीणा,पूजा पोहिल्ला के सहयोग से डायबिटीज रोग से पीड़ित दजॅनों मरीजों की आंख का जांच किया और दवा पचीॅ पर लिखा। नेत्र रोग विशेषज्ञ डाक्टर तेजेन्द्र पाल ने कहा कि डायबिटीज मरीज के आंखों के रेटिना पर इसका असर पड़ता है।अनियंत्रित डायबिटीज के मरीजों को अंधेपन का खतरा बना रहता है।भारत में 100 मिलियन डायबिटीज मरीज हैं।यह एक महामारी से कम नहीं है।इसके लिए नियमित रूप से डायबिटीज का इलाज और उसपर नियंत्रण आवश्यक है। डायबिटीज मरीजों को नियमित रूप से आंख की जांच और इलाज की आवश्यकता है।सुगर नियंत्रण के लिए संयमित खान पान पोषाहार और इलाज की आवश्यकता है।डायबिटीज जानलेवा ना बने इसके लिए जागरूकता एवं नियमित रूप से इलाज आवश्यक है।
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