झारखंड के दुमका जिले को नया उपायुक्त मिल गया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 2018 बैच के अधिकारी अभिजीत सिन्हा को जिले की कमान सौंपी गई है। इससे पहले वे दुमका के उप विकास आयुक्त (DDC) के रूप में कार्यरत थे। अपनी कार्यशैली, जनसंपर्क और प्रशासनिक दक्षता के बल पर उन्होंने जिले में गहरी छाप छोड़ी, जिसके फलस्वरूप उन्हें यह नई जिम्मेदारी मिली है।
प्रशासनिक पृष्ठभूमि:
अभिजीत सिन्हा ने अपने कैरियर की शुरुआत चक्रधरपुर में SDO के रूप में की थी, जहां उन्होंने कानून-व्यवस्था से लेकर ग्रामीण विकास तक कई अहम कार्यों का नेतृत्व किया। इसके बाद वे राज्य मुख्यालय में शिक्षा विभाग में संयुक्त सचिव और झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JMHIDPCL) के प्रबंध निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे। इन सभी जिम्मेदारियों में उन्होंने प्रशासनिक क्षमता और नवाचार का परिचय दिया।
UPSC से प्रशासन तक का सफर:
अभिजीत सिन्हा की कहानी सिर्फ एक प्रशासनिक अधिकारी की नहीं, बल्कि आत्मसंघर्ष और आत्मविश्वास की मिसाल भी है। पहले प्रयास में इंटरव्यू तक पहुँचने के बावजूद असफल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। अवसाद और असहायता की स्थिति से निकलकर उन्होंने दोबारा तैयारी की और 2018 में UPSC में ऑल इंडिया रैंक 19 हासिल कर एक मिसाल कायम की। उनका मानना है कि असफलता अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत का संकेत होती है।
दुमका के लिए क्या है उम्मीदें:
संवेदनशील और रणनीतिक रूप से अहम इस जिले में अभिजीत सिन्हा से प्रशासनिक पारदर्शिता, योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन और जनसंवाद को प्राथमिकता देने की उम्मीद की जा रही है। विशेष रूप से युवा और UPSC की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए वे प्रेरणा के स्रोत हैं।
- संदेश:
उनका संदेश है — “या तो परिणाम को स्वीकार कर छोड़ दो, या फिर मेहनत कर फिर से जीत लो।” यह बात उन्हें न केवल एक अधिकारी, बल्कि एक सच्चे प्रेरक व्यक्तित्व के रूप में स्थापित करती है।