झारखंड की उप राजधानी दुमका के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नकटी गांव के निवासी प्रदीप कुमार बीते दस दिनों से अपनी पत्नी और बेटे की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। प्रदीप की पत्नी नेहा देवी अपने तीन वर्षीय बेटे विवेक कुमार के साथ 30 दिसंबर 2024 को नकटी से काठीकुंड थाना क्षेत्र के आसनपहाड़ी स्थित मायके के लिए निकली थी, लेकिन दोनों वहां कभी पहुंचे ही नहीं।
प्रदीप ने बताया कि पत्नी और बेटे के गायब होने के बाद उनका फोन भी स्विच ऑफ आ रहा था। जब उन्होंने काठीकुंड थाना क्षेत्र के आसनपहाड़ी गांव स्थित ससुराल में जाकर पूछताछ की, तो पता चला कि नेहा और विवेक वहां पहुंचे ही नहीं। इसके बाद प्रदीप ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
आखिरकार, उन्होंने दुमका के मुफस्सिल थाना में 2 जनवरी 2025 को आवेदन देकर पत्नी और बेटे की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई। हालांकि, शिकायत दर्ज होने के दस दिन बाद भी पुलिस इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाई है।
प्रदीप, जो पेशे से हाइवा चालक हैं, अब तक अपनी पत्नी और बेटे की तलाश में जुटे हुए हैं। उनकी निराशा और चिंता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रदीप ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी पत्नी और बेटे की जल्द से जल्द खोजबीन की जाए। घटना को लेकर इलाके में चिंता और चर्चा का माहौल है।