बाल कल्याण समिति ने दो भटके किशोरों को परिजनों से मिलवाया

CWC

दुमका। बाल कल्याण समिति (CWC) दुमका ने शुक्रवार को दो अलग-अलग मामलों में भटके हुए एक किशोर और एक किशोरी को उनके परिवार से मिलवाकर मानवीय संवेदना का परिचय दिया। समिति ने न सिर्फ दोनों बच्चों की पहचान कर उनके परिजनों को खोज निकाला, बल्कि चिकित्सकीय और मानसिक परामर्श भी सुनिश्चित किया।

पहले मामले में, बिहार के बांका जिले के पंजवारा थाना क्षेत्र से भटककर दुमका पहुंचे 16 वर्षीय एक किशोर को रेलवे स्टेशन से आरपीएफ ने 24 अप्रैल को रेस्क्यू किया था। किशोर को रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क के माध्यम से सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जांच में पाया गया कि उसकी एक आंख से कम दिखता है और दूसरी से बिल्कुल नहीं। किशोर ने अपने माता-पिता के रूप में जिन लोगों का नाम बताया, वे दरअसल उसके चाचा-चाची निकले। उसकी चाची ने बताया कि उसके माता-पिता और एकमात्र भाई की मृत्यु हो चुकी है और वह पांच साल की उम्र से ही इस किशोर की देखभाल कर रही हैं।

काफी खोजबीन के बाद जब किशोर के दुमका में होने की सूचना मिली तो उसकी चाची उसे लेने पहुंचीं। बालगृह के अधीक्षक ने किशोर का प्राथमिक इलाज करवाया है, लेकिन अभी और चिकित्सा की जरूरत है। बाल कल्याण समिति ने किशोर को उसकी चाची के हवाले करते हुए सात दिनों के भीतर बांका की सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

दूसरे मामले में, 20 मई को गोपीकांदर पुलिस को एक 16 वर्षीय किशोरी अकेली घूमती हुई मिली थी। किशोरी ने शिकारीपाड़ा क्षेत्र के एक गांव का नाम बताया, लेकिन माता-पिता की जानकारी नहीं दे पाई। उसके पास से मिले जिला परिषद सदस्य के मोबाइल नंबर और पत्रकार दिलदार अंसारी के सहयोग से उसके परिजनों का पता लगाया गया।

किशोरी की मां ने समिति को बताया कि उनकी बेटी पहली कक्षा के बाद पढ़ाई नहीं कर पाई और मानसिक रूप से असामान्य है। बीच-बीच में उसकी स्थिति सामान्य हो जाती है। उन्होंने बताया कि बेटी का जड़ी-बूटी से इलाज कराया गया था, लेकिन सुधार नहीं हुआ। समिति ने किशोरी का मनोचिकित्सकीय परामर्श कराने का निर्देश देते हुए अंडरटेकिंग के साथ उसे मां और नानी के सुपुर्द कर दिया।

इन दोनों मामलों में सीडब्ल्यूसी सदस्य डॉ. राज कुमार उपाध्याय की देखरेख में बच्चों को परिजनों से मिलवाया गया। बाल कल्याण समिति की यह पहल बाल अधिकारों की रक्षा और मानवता के प्रति समर्पण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

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