बच्चों ने पहले अपने पिता को खोया, फिर मां लापता हो गयी
जिसके बाद से चारों बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेवारी वृद्ध महिला सोनी पहाड़िन पर था
स्थानीय ग्रामीणों एवं पीएलभी हरेन्द्र मालतो ने प्रखंड प्रशासन को दी जानकारी
पाकुड़। अमड़ापाड़ा प्रखंड क्षेत्र के आदिम जनजाति बहुल गांव में एक परिवार के वृद्ध महिला की मौत होने से चार नाबालिग भाई-बहन दोबारा अनाथ हो गए। जानकारी के मुताबिक मृतका सोनी पहाड़िन 52 वर्ष अपनी पोती पोती सुनीता पहाड़िन 16 वर्ष, कालू पहाड़िया 12 वर्ष, डोमना पहाड़िया आठ वर्ष, टिंकू पहाड़िया छह वर्ष के साथ रहती थी। बच्चों पर ऐसी विपदा आन पड़ी है, जिससे बच्चे शायद ही निकल पाएंगे। बच्चों ने पहले अपने पिता को खोया, फिर मां लापता हो गयी। जिसके बाद से चारों बच्चों के भरण-पोषण का जिम्मा वृद्ध महिला सोनी पहाड़िन पर था। शनिवार की देर शाम बीमारी से वृद्धा के निधन से अब चारों बच्चे एक बार फिर से अनाथ हो गए। निधन से घर की बड़ी लड़की सुनीता पहाड़िन जो खुद भी नाबालिग है, उस पर तीन भाईयों के भरण-पोषण की जिम्मेवारी आन पड़ी है। दादी के देहांत के बाद मामले की जानकारी स्थानीय ग्रामीणों एवं पीएलभी हरेन्द्र मालतो ने प्रखंड प्रशासन को दी। मामले की जानकारी मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी के पहल पर चाइल्ड लाइन की मदद से बच्चों को तत्काल राशन सामग्री उपलब्ध करायी गयी है। वहीं डूमरचीर पंचायत की मुखिया रामी पहाड़िन ने भी कंबल व अन्य सामग्री मदद स्वरूप बच्चों को दी। वहीं तत्काल चारों बच्चों के देख-रेख का जिम्मा ग्राम प्रधान कालू पहाड़िया को दिया गया है। मौके पर चाइल्ड लाइन के सदस्य अजय मुर्मू व कैलाश ठाकुर मौजूद थे। पांच साल पहले बच्चों ने खोया पिता, मां से संपर्क नहीं नाबालिग लड़की सुनीता पहाड़िन ने बताया कि पिता का पांच वर्ष पूर्व देहांत हो गया था। वहीं मां छोड़ कर दूसरे राज्य काम करने चली गयी थी। जिसका संपर्क आज तक नहीं हो पाया है। भरण-पोषण करने वाली केवल दादी थी, उसका भी देहांत शानिवार को देर शाम को हो गया। बताया कि वह भी धान काटने के लिए अन्य जगह जाया करती है, आज भी वह दादी के निधन की सूचना पर घर लौटी है। सुनीता को अब यह चिंता सताए जा रही है कि कैसे वह तीन-तीन छोटे भाइयों का भरण पोषण अकेले कर सकेगी।
बच्चों की मदद के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव शिल्पा मुर्मू पहुँची अमड़ापाड़ा
मंगलवार को प्रधान जिला न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ की अध्यक्षता में जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के सचिव शिल्पा मुर्मू ने अमडापाड़ा प्रखंड के डूमरचीर गांव पहुँचकर चार अनाथ एवं निसहाय बच्चों को के घर जा कर स्वयं सहायता हेतु मुलाकात की। सभी चार अनाथ एवं निसहाय बच्चों के पिता के चार साल पहले मृत्यु हो गई है और बच्चे अपने बूढ़ी दादी के साथ रहते थे उक्त बच्चे की दादी की मृत्यु दो-तीन दिन पहले हो जाने के कारण चारों बच्चे अनाथ एवं निसहाय हो गया है। वही अमडापाड़ा प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार देवेश द्विवेदी ने सभी अनाथ बच्चे को कंबल तथा खाने हेतु नालसा एवं झालसा के द्वारा पाए जाने वाले हर सुविधा दिलाने की कोशिश करेंगे उक्त बातें जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के सचिव शिल्पा मुर्मू ने कही। वही मौके पर मौजूद प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा कि उक्त सभी अनाथ बच्चे को सरकार द्वारा हर सुविधा मुहैया की जाएगी तथा बच्चों को पढ़ाई के लिए व्यवस्था की जाएगी।
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