संताली भाषा के लिए देवनागरी लिपि जारी रखने की मांग, यूनियन ने सौंपा ज्ञापन

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दुमका: सिदो-कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका के संताल परगना स्टूडेंट यूनियन ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन विधायक डॉ. लुईस मरांडी को सौंपा। यह मुलाकात 10 फरवरी 2025 को देर शाम उनके आवासीय कार्यालय पशियाडंगाल में हुई। यूनियन ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि संताली भाषा के लिए देवनागरी लिपि का उपयोग यथावत जारी रखा जाए।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संगठन के अध्यक्ष विमल मुर्मू ने किया। ज्ञापन सौंपने के बाद उन्होंने कहा, “संताली भाषा प्राचीन भाषाओं में से एक है और इसका मानक रूप देवनागरी लिपि में है। कुछ लोग सुनियोजित तरीके से इस भाषा के मानक स्वरूप को खत्म करने और आदिवासियों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हम अपनी भाषा की अस्मिता और शुद्धता की रक्षा करेंगे।”

उन्होंने बताया कि देवनागरी लिपि वैज्ञानिक और सरल है, जिसका उपयोग 1940 से पहले से ही संताली भाषा में किया जाता रहा है। अब तक इस लिपि में एक समृद्ध साहित्य का निर्माण हो चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि संताली भाषा के विकास के लिए देवनागरी लिपि का उपयोग जारी रखा जाए और प्राथमिक से उच्च स्तर तक शिक्षक बहाली की प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू की जाए।

इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष विनोद हांसदा, दिलीप टुडू, आनंद हेम्ब्रम, कुलदीप सोरेन, राजेश पौरिया, सचिन कुमार सोरेन, एंथनी हांसदा, सुरेश बेसरा, संतोष हेम्ब्रम समेत सैकड़ों छात्र उपस्थित रहे।

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