दुमका। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दुमका की ओर से न्याय सदन में साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के संबंध में प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दुमका व्यवहार न्यायालय के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अनूप तिर्की ने कहा कि साइबर क्राइम तथा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में सभी जानकारी रखना आवश्यक है साइबर ठगी में पीड़ित किसी अज्ञानता या लालच के कारण ही शिकार हो जाता है। किसी लालच में नहीं आना चाहिए और झाँसे में आकर ओटीपी, एटीएम कार्ड पिन नंबर की जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए। साइबर अपराध के शिकार होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
दुमका के साइबर सेल के सब-इंस्पेक्टर, राजीव रंजन ने बताया गया कि साइबर अपराध की गतिविधियां कई तरह की होती है एक तरफ ऐसे अपराध है जिनमें व्यक्तिगत या कॉर्पाेरेट गोपनीयता का उल्लंघन शामिल है। इंटरनेट का गलत उपयोग करके किए गए अपराध साइबर अपराध के रूप में जाने जाते हैं, आज इंटरनेट के द्वारा अनगिनत कार्य किए जाते हैं जैसे ऑफिस के कार्य, ऑनलाइन शॉपिंग, ऑनलाइन पेमेंट इत्यादि। अगर कोई व्यक्ति अगर साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो तुरंत साइबर क्राइम के नेशनल वेबसाइट पर लाग इन कर शिकायत दर्ज करा सकते है या फिर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकते है। 1930 नंबर से पोर्टल के द्वारा उस अकाउंट को स्वतः होल्ड कर दिया जाता है जिस अकाउंट में आपके ठगी का पैसा गया है। उसके बाद तत्काल उसके आगे की कार्यवाही भी शुरू हो जाती है। साइबर ठगी के पीड़ित जितनी जल्दी 1930 नंबर पर कॉल करते हैं, ठगी के रकम वापसी की संभावना उतना ही जल्द बढ़ जाती है।
साइबर अपराध की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत करें: सीजेएम
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