स्वास्थ्य संवर्धन पर राष्ट्रीय बैठक: बीमारियों की रोकथाम के लिए नई रणनीतियों पर जोर

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) प्रो. (डॉ.) अतुल गोयल की अध्यक्षता में हाल ही में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में देश के 27 से अधिक प्रमुख स्वास्थ्य व्यवसायिक निकायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया गया था, जिसमें मंत्रालय की पहलों को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक के मुख्य एजेंडे में स्वस्थ आहार और शारीरिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना, तंबाकू और शराब जैसे गैर-संचारी बीमारियों के प्रमुख जोखिम कारकों को दूर करना और स्वस्थ चिकित्सा/दंत चिकित्सा महाविद्यालय परिसर पहल की अवधारणा पर चर्चा करना शामिल था। डॉ. अतुल गोयल ने स्वास्थ्य सेवा संसाधनों को निदान और उपचारात्मक विकल्पों पर केंद्रित करने के बजाय बीमारियों की रोकथाम के लिए अधिक निवेश करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रतिभागियों ने स्वास्थ्य को बढ़ावा देने, बीमारियों को रोकने, तंबाकू/शराब के उपयोग को खत्म करने और इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम 2019 के कार्यान्वयन पर विचार-विमर्श किया। सभी पेशेवर निकायों ने स्वास्थ्य संवर्धन की घोषणा और स्वास्थ्य संवर्धन की अवधारणा को अपनाने के संभावित उपायों पर सहमति व्यक्त की।

बैठक में भाग लेने वाले प्रमुख स्वास्थ्य निकायों में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी), विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए), एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया (एपीआई), कार्डियोलॉजी सोसायटी ऑफ इंडिया (सीएसआई), इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन (आईएपीएसएम), इंडियन पब्लिक हेल्थ एसोसिएशन (आईपीएचए), मेडीविजन, ट्रेंड नर्सिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएनएआई), इंडियन ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन (आईओए), इंडियन सोसायटी ऑफ ऑन्कोलॉजी (आईएसओ), इंडियन एसोसिएशन ऑफ पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री (आईएपीएचडी), और एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन ऑफ इंडिया (एओएमएसआई) शामिल थे।

सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की और स्वास्थ्य संवर्धन के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण के महत्व पर बल दिया। स्वास्थ्य निकायों ने तंबाकू के उपयोग, शराब के दुरुपयोग और अन्य जोखिम कारकों के प्रचलन को कम करने के लिए जन जागरूकता अभियान, शैक्षिक कार्यक्रम और नीति समर्थन की आवश्यकता पर बल देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

बैठक में डॉ. एल. स्वस्तिचरण, अपर डीडीजी एवं निदेशक ईएमआर और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सार्वजनिक स्वास्थ्य की देखभाल और सहयोगात्मक एवं सक्रिय उपायों के माध्यम से सभी नागरिकों के कल्याण को निरंतर आगे बढ़ाने के अपने मिशन में दृढ़ता से प्रतिबद्धता जताई।

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