संताल परगना में पहाड़िया समाज की उपेक्षा पर बीजेपी पर उठे सवाल

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हाइलाइट्स:
- पहाड़िया समाज की उपेक्षा पर मनोज सिंह की नाराजगी।
- निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव में उतरने की संभावना।
- संताल परगना के 3.75 लाख पहाड़िया वोटर आगामी चुनाव में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

आदिम जनजाति शिक्षित बेरोजगार संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विधानसभा चुनाव 2024 में भाजपा ने पहाड़िया समाज के किसी भी व्यक्ति को उम्मीदवार नहीं बनाया है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा को पहाड़िया समाज की आवश्यकता नहीं है। मनोज सिंह ने चेतावनी दी कि अगर यह उपेक्षा जारी रही, तो पहाड़िया समाज अलग रास्ता अपनाने पर मजबूर हो सकता है।

मनोज सिंह ने बताया कि संताल परगना क्षेत्र के दुमका, शिकारीपाड़ा, लिट्टीपाड़ा, महेशपुर, देवघर जैसे प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 3.75 लाख पहाड़िया वोटर्स हैं, जो चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। सिंह ने कहा कि निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहे हैं, और अन्य दल भी भाजपा के इस रवैये का लाभ उठाने का प्रयास कर सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन ने भी पहाड़िया समाज को नजरअंदाज किया है, और एक भी टिकट नहीं दिया गया है। इसके चलते भाजपा और इंडिया गठबंधन को आगामी विधानसभा चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। मनोज सिंह का दावा है कि लगभग 6 से 8 विधानसभा क्षेत्रों में इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा, जबकि 13 अन्य क्षेत्रों में आंशिक असर देखने को मिल सकता है।

मुख्य क्षेत्र और पहाड़िया वोटर संख्या:
दुमका: 11,000
जामा: 13,000
शिकारीपाड़ा: 17,000
जरमुंडी: 11,000
लिट्टीपाड़ा: 42,000
बरहेट: 27,000
बोरियो: 25,000
महेशपुर: 14,000
नाला: 12,000
देवघर: 9,000

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