झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र की गोड्डा टीम ने अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा रायपुर में आयोजित 24वीं राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता में फुटबॉल का फाइनल जीतकर चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की। फाइनल मैच में संथाल परगना की टीम ने केरल को पेनाल्टी शूटआउट में 4-1 से हराकर इतिहास रच दिया।
दुमका रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत
गोड्डा टीम के खिलाड़ियों का दुमका रेलवे स्टेशन पर जोरदार स्वागत किया गया। जसीडीह से पैसेंजर ट्रेन द्वारा सुबह 9 बजे पहुंचने पर गिरि वनवासी कल्याण परिषद, दुमका द्वारा खिलाड़ियों को माला पहनाकर और सम्मानित किया गया। इसके बाद रसिकपुर स्थित परिषद कार्यालय में अंगवस्त्र ओढ़ाकर खिलाड़ियों का अभिनंदन किया गया।
खिलाड़ियों की अद्भुत खेल प्रतिभा
प्रतियोगिता के दौरान 22 फुटबॉल मैच खेले गए, जिनमें 122 गोल दागे गए। इनमें से 9 मैचों का परिणाम टाई ब्रेकर या पेनाल्टी शूटआउट से निकला। संथाल परगना के गोलकीपर विनय कुंडू ने फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए पेनाल्टी शूट के 4 गोल बचाए और “सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर” का खिताब जीता। वहीं, टीम के विमल मरांडी को “मैन ऑफ द टूर्नामेंट” घोषित किया गया।
टीम और नेतृत्व
टीम का नेतृत्व कप्तान महाप्रसाद हांसदा ने किया, जबकि कोच जेशु लाल मरांडी और टीम मैनेजर कैलाश उरांव ने टीम का मार्गदर्शन किया। खिलाड़ियों में बिनय टुडू, मनोज मरांडी, सुनील हसदा, विमल मरांडी, महेश बास्की, और अन्य खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।
सम्मान समारोह में शामिल गणमान्य व्यक्ति
खिलाड़ियों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में अमर कुमार गुप्ता, राजीव कुमार मिश्रा, डॉ. राजकिशोर हांसदा, सुशील कुमार मरांडी, और अन्य सदस्यों ने हिस्सा लिया।
गोड्डा टीम की इस ऐतिहासिक जीत ने न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश में क्षेत्र का नाम रोशन किया है। यह जीत जनजातीय खेलों में झारखंड की उत्कृष्टता और खिलाड़ियों की मेहनत का प्रमाण है।