सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय (एसकेएमयू) में बुधवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का विषय “हिंदी के प्रसार में झारखंड के साहित्यकारों का योगदान” रहा, जिसे स्नातकोत्तर हिंदी विभाग और केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा (भारत सरकार) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
लगातार बारिश के बावजूद उद्घाटन सत्र थोड़ी देर से शुरू हुआ, जिसमें झारखंड के साहित्यकार महादेव टोप्पो और दिल्ली विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमरनाथ झा मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। कुलपति प्रो. बिमल प्रसाद सिंह ने सत्र की अध्यक्षता की। संगोष्ठी का शुभारंभ पारंपरिक लोटा-पानी के स्वागत और कुलगीत के साथ हुआ।
मुख्य वक्ता महादेव टोप्पो ने झारखंड की साहित्यिक परंपरा की विशेषताओं पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. अमरनाथ झा ने क्षेत्रीय साहित्य को राष्ट्रीय धारा से जोड़ने के महत्व पर चर्चा की। संगोष्ठी का समापन राष्ट्रगान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ, जिसमें छात्रों ने सक्रिय भूमिका निभाई।