दुमका: संताल परगना कॉलेज द्वारा संचालित मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र और मेंटल हेल्थ मिशन इंडिया के सहयोग से “युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियां” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष और मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र के निदेशक, डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने की।
सेमिनार में डॉ. शर्मा ने युवाओं में आत्मविश्वास की कमी और भटकाव की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शॉर्टकट अपनाने और उचित मार्गदर्शन के अभाव में युवा मानसिक तनाव, कुंठा, और सामाजिक निंदा का सामना कर रहे हैं। परिणामस्वरूप, कई युवा मानसिक विकारों, साइबर अपराध, यौन हिंसा, और अन्य जघन्य अपराधों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
डॉ. शर्मा ने कहा कि मानसिक विकारों के कारण युवा नशा, चोरी, और अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हो रहे हैं। बेरोजगारी, पारिवारिक जिम्मेदारियों और दूषित सामाजिक-राजनीतिक वातावरण के कारण युवाओं में निराशा और आवेश का स्तर बढ़ रहा है, जो हिंसा और आत्महत्या जैसी स्थितियों को जन्म दे रहा है।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित जिला मानसिक स्वास्थ्य केंद्र के साइकेट्रिक सोशल वर्कर, डॉ. जुल्फिकार अली भुट्टो ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज को अधिक स्वीकार्यता दिखानी चाहिए और युवाओं को भटकाव से बचाने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. गिरिजा जेनिफर टोप्पो ने किया, और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. किलिस मरांडी ने दिया। इस अवसर पर मनोविज्ञान विभाग के सभी सेमेस्टर के विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।