एक एएसआई एवं एक निजी सुरक्षाकर्मी घायल
एक साथी की मौत से उग्र हो गए थे प्लांट के मजदूर
गोड्डा। सदर प्रखंड के मोतिया गांव में स्थित अदानी कंपनी के पावर प्लांट में बिजली उत्पादन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। 18 दिन बाद 16 दिसंबर को पावर प्लांट का उद्घाटन संभावित है। इसी बीच सोमवार को पूर्वाह्न में अदानी पावर प्लांट कि एक आउट सोर्सिंग कंपनी पावर मेटा के मजदूर उग्र हो गए। उग्र मजदूरों की पत्थरबाजी में मोतिया ओपी के एक सहायक सब इंस्पेक्टर तथा एक निजी सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। जवाब में पुलिस ने दो राउंड हवाई फायरिंग की।
दरअसल, एक दिन पूर्व अदानी पावर प्लांट में कार्यरत एक आउटसोर्सिंग कंपनी पावर मेटा के एक श्रमिक की मौत हो गई थी। बताया जाता है कि कंपनी द्वारा मृतक मजदूर के परिजनों को मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया गया था। लेकिन इस बात की जानकारी कंपनी के अन्य श्रमिकों को नहीं थी। सोमवार को जब मजदूर सुबह की पाली में काम करने आए, तो वे इस बात से अनभिज्ञ थे कि उनकी मृतक साथी के परिजनों को मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया गया है। जानकारी के अभाव में मजदूरों ने फैसला लिया कि जब तक मृतक मजदूर के परिजनों को मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा, तब तक वे काम शुरू नहीं करेंगे। इस बात को लेकर मजदूर गोलबंद होने लगे थे। मामले की जानकारी मिलने पर मोतिया ओपी में तैनात पुलिसकर्मी प्लांट में पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, मजदूरों एवं पुलिसकर्मी के बीच बतकही हुई। इस पर मजदूरों ने उग्र रूप अख्तियार करते हुए पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पत्थरबाजी के कारण मोतिया ओपी में पदस्थापित एएसआई सहदेव प्रसाद एवं एक निजी सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। जवाब में पुलिस ने हवाई फायरिंग की, तब मजदूर तितर-बितर हुए। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने चार राउंड हवाई फायरिंग की। हालांकि पुलिस दो राउंड हवाई फायरिंग की बात स्वीकार कर रही है। मामले की जानकारी होने पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आनंद मोहन सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि करीब तीन से चार हजार मजदूरों की उग्र भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी थी। मजदूरों के पत्थरबाजी से पुलिसकर्मी के घायल होने के कारण बचाव में पुलिस ने हवाई फायरिंग की। उन्होंने बताया कि घटना को लेकर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
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