लोग सच्चे मन से जो मनोकामना लेकर जाते हैं मनोवांछित फल अवश्य पाते हैं
राहुल सांस्कृत्यायन ने बुढई पहाड़ और मंदिर के बारे में विस्तृत रूप से अपने संस्मरण में किया है वर्णन
देवीपुर। देवघर रांची मुख्य मार्ग से पश्चिम महज एक किलोमीटर की दूरी पर देवीपुर और बुढई थाना क्षेत्र के सीमावर्ती सात चट्टानों के एक ही आग्नेय पत्थरों से बने भव्य पहाड़ पर बने एक खुबसूरत गुफा में माता बुढेश्वरी का भव्य मंदिर है। वहीं एक ऊंचे पहाड़ पर माता तिलैश्वरी का खुबसूरत मंदिर है।पतरो नदी के तट पर पहाड़ों की गुफा में विराजमान माता बुढेश्वरी के बारे में धारणा है कि लोग सच्चे मन से जो मनोकामना लेकर जाते हैं मनोवांछित फल अवश्य मिलता है।जहां माता बुढेश्वदी वंश में वृद्धि करती हैं,वहीं माता तिलेश्वरी धन संपदा से परिपूर्ण कर देती है।यह पहाड़ और मंदिर कई रहस्यों को समेट कर रखे हुए है।सुप्रसिद्ध साहित्यकार राहुल सांस्कृत्यायन ने बुढई पहाड़ और मंदिर के बारे में विस्तृत रूप से अपने संस्मरण में वणॅन किया है।
बुढई मेला केवल देवीपुर बुढई, देवघर, मधुपुर ही नहीं वरन समूचे बिहार झारखंड और पश्चिम बंगाल में चर्चित है।संथाल परगना का सबसे बड़ा लगने वाला मेला कहा जाता है। अगहन माह के पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला नव्वान मेला कहा जाता है जो तीन दिनों तक चलता है।दही चूड़ा को तैयारी मेला बुधवार को विशाल पहाड़ पर मेला लगा।जहां बुढैश्वरी मंदिर में ढोल बाजा के साथ बुढई राजा परिवार के सदस्यों ने माता की विधि विधान पूवॅक पूजा अचॅना की गई। हजारों की संख्या में बच्चों का मुंडन हुआ,वहीं मनोकामना पूरा होने पर हजारों की संख्या में बकरे की बली दी गई। वहीं तिलैश्वरी मंदिर में ढोल बाजन के साथ पूजा अराधना की गई। काड़ा भेड़ा की बली परंपरानुसार दिया गया। भारी संख्या में श्रद्धालु दशॅन के लिए उमड़ पड़े।मेले में बिहार, बंगाल, झारखंड के ग्रामीण और शहरी इलाकों से बस,ट्रेन, चारपहिया और दो पहिया वाहनों से लाखों की संख्या में पुरूष महिलायें और बच्चे पहुंचे।मेले में लगे तारामाची ,कठघोड़वा,चरखी,गुड़िया डांस,जादू समेत दजॅनों की संख्या में लगे मनोरंजन का आनंद लिया।मेले में मिठाई चाट,पकौड़े,बैंगनी,आलूचाॅप,गुपचुप,चाट, चाउमींग का लुत्फ उठाया।बड़ी संख्या में लोगों ने कांसे,पीतल,स्टील बतॅन, लोहे का फरसा, तलवार, चाकू,छूरी,भाला,कैंची,कजरोटी,कचिया,हसुवा,डब्बू
,कलछूल,लोहिया,स्टील अल्यूमीनियम के बतॅन, चौकी, पलंग,लोढी पाटी समेत गमॅ कपड़े,बांसुरी गुब्बारे,हवाई लड्डू डमरू,बाजा,पेंपी बासुरी आदि कई खरीदारी की।
आरक्षी अधीक्षक सुभाष चंद्र जाट के निदेॅश पर मेला में भीड़ नियंत्रण के लिए थाना प्रभारी धनंजय कुमार सिंह, एसआई चंदन कुमार पांडेय,गौतम कुमार वर्मा, एएसआई पंचम कुमार शमाॅ, सुधीर कुमार, तिलेश्वर यादव, भरथ सिंह, ब्रम्हदेव मेहता,बुढई थाना प्रभारी हीरालाल तुबीद,सुरक्षा बलों,जैप के जवान, थाना के चौकीदारों के साथ मौजूद थे।
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