क्षेत्र की विकास मेरी पहली प्राथमिकता : प्रो.मरांडी
पाकुड। पाकुड़िया प्रखंड क्षेत्र में महेशपुर विधायक प्रो.स्टीफन मरांडी ने शुक्रवार को पथ निर्माण विभाग एवं ग्रामीण विकास विभाग (विशेष प्रमंडल) द्वारा निर्माण होने वाले तीन उच्चस्तरीय पुलों का शिलान्यास किया। उन्होंने पाकुडिया प्रखंड के पंचायत पलियादहा ग्राम जलघटा से बलियाकतरा के बीच तिरपितिया नदी पर पुल निर्माण कार्य 3 करोड़ 55 लाख लागत, पंचायत पाकुडिया शक्तिघटा तिरपितिया नदी 4 करोड़ 88 लाख लागत , पंचायत खाक्सा ढेबानाला पर 1 करोड़ 48 लाख लागत से बनने वाले तीन उच्चस्तरीय पुल निर्माण कार्य का शिलान्यास नारियल फोड़ व फिता काटकर किया। इससे पहले शिलान्यास स्थल पहुंचे विधायक का संबंधित इलाकों में पारंपरिक आदिवासी रीति रिवाज से माला पहनाकर भब्य स्वागत किया गया। शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि लोगों की मूलभूत जरुरतों को देख कर महेशपुर विधानसभा क्षेत्र में कई विकास योजनाएं विभिन्न मद की राशि से संचालित है। विकास कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए मैं लगातार प्रयास कर रही हूं क्षेत्र की विकास का पहचान पुल पुलिया और सड़क को देख कर ही किया जाता है। पहले और आज में सबसे बड़ा फर्क यह है कि पहले के जनप्रतिनिधि अपनी झोली भरने के लिए योजनाएं शुरु करते थे। लेकिन आज हेमंत सोरेन सरकार द्वारा लोगों की जरुरतों को देख कर विकास योजनाएं शुरू की जा रही है। उन्होंने योजना स्थल पर उपस्थित संवेदको से कहा की गुणवत्तापुर्ण कार्य कर के योजनाओं को ससमय पुरा करने का काम करेंगे। वर्षों से लंबित प्रखंड वासियों की बहुप्रतीक्षित मांगों को आज सरजमीं पर उतारा गया लोगों में इसे लेकर काफी उत्साह है लोगों ने विधायक के प्रति आभार व्यक्त किया।मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष जुली ख्रिष्टमणी हेम्ब्रम, जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक भगत, प्रखंड अध्यक्ष मोतीलाल हाँसदा, जिला उपाध्यक्ष हरिवंश चौबे, केन्द्रीय कमेटी सदस्य देवीलाल हाँसदा, सचिव मईनुद्दीन अंसारी, देवीधन टुडू, उपाध्यक्ष मेहलाइल अंसारी, प्रखंड प्रमुख कालीदास मरांडी, मुखिया अनीता हेम्ब्रम, मुखिया हरिदास टुडू, पुर्व उपप्रमुख अजीत मंड़ल, हारूण रशीद, कुबराज मरांडी, नजरूल इस्लाम, मुसारफ हुसैन, रफाईल मुर्मू, नेजाम अंसारी, अख्तर आलम, विश्वजीत दास,जहीरूद्दीन अंसारी, जयफुल अंसारी, छोटू भगत, विनोद भगत, ऐनोस मुर्मू, अकबर अली, टिंकू भगत, मंटू भगत, विश्वनाथ मुर्मू, सोयलेन मुर्मू, नरेश हाँसदा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
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