दिल्ली। भारत के अमृतसर, श्रीनगर, जम्मू, वृंदावन, दिल्ली छब्त् समेत देश के कई हिस्सों में सूर्य ग्रहण देखा जा रहा है। 27 साल बाद दिवाली के बाद लगा आंशिक सूर्य ग्रहण। यह सूर्य ग्रहण भारत में 30 प्रतिशत जबकि रूस और चीन में यह 80 प्रतिशत सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। भारत में अमृतसर में सबसे पहले दिखा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण। सूर्य ग्रहण मंगलवार को 11 बजकर 28 से शुरू हो जाएगा और शाम 06 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। लेकिन भारत में यह ग्रहण 04 बजकर 22 से दिखना शुरू हो जाएगा और 05 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। भारत में ग्रहण का मोक्षकाल सूर्यास्त के साथ ही हो जाएगा। ग्रहण में सूरज का 36.93 फीसदी भाग चंद्रमा तक ढका रहेगा।
27 वर्ष बाद दीपावली के बाद लगा सूर्यग्रहण ..
अमृतसर, श्रीनगर, जम्मू, वृंदावन, दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सूर्य ग्रहण देखा जा रहा है। 27 साल बाद दिवाली के बाद लगा आंशिक सूर्य ग्रहण। यह सूर्य ग्रहण भारत में 30 प्रतिशत जबकि रूस और चीन में यह 80 प्रतिशत सूर्य ग्रहण दिखाई देगा।
अमृतसर में सबसे पहले दिखा सूर्य ग्रहण
भारत में अमृतसर में सबसे पहले दिखा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण। आइसलैंड में भारतीय समय के अनुसार दोपहर 02 बजकर 29 मिनट से ग्रहण शुरू हो चुका है। शाम 4 बजकर 30 मिनट पर रूस में ग्रहण अपने चरम पर होगा और 6 बजकर 33 मिनट पर ग्रहण खत्म हो जाएगा। यह ग्रहण करीब 2 घंटे तक रहेगा। भारत के ज्यादतर हिस्सों में इस आंशिक सूर्य ग्रहण को देखा जा सकता है। सूर्यास्त के साथ ही ग्रहण खत्म हो जाएगा। यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और एशिया के कुछ भागों में साल का आखिरी आंशिक सूर्य ग्रहण जारी है।
सूर्य ग्रहण के दौरान जाप करने के मंत्र
1- “ॐ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्नरू सूर्यरूप्रचोदयात”
2- तमोमय महाभीम सोमसूर्यविमर्दन। हेमताराप्रदानेन मम शान्तिप्रदो भव॥
3- ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये
4- प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमरू॥
5- ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्ववां कीलय बुद्धि विनाशय ह्लीं ओम् स्वाहा।।
6- विधुन्तुद नमस्तुभ्यं सिंहिका नन्दना च्युत दानेनानेन नागस्य रक्ष मां वेधजाद्भयात्॥
ग्रहण के दौरान खाने-पीने की चीजों में क्यों रखते हैं तुलसी के पत्ते
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान सभी तरह के खाने-पीने की चीजें अपवित्र हो जाती हैं। इस कारण से खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डाल दिए जाते हैं ताकि सूर्य ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव न पड़े। ग्रहण के दौरान वातावरण में नकारात्मक और दूषित किरणें फैली हुई होती हैं जो सेहत के लिए हानिकारक मानी गई हैं। आयुर्वेद में तुलसी के पत्तों का बहुत ही महत्व होता है। तुलसी के पत्ते संजीवनी होते हैं। तुलसी में एंटी-बैक्टीरिया और आयरन तत्व बहुत होते हैं। इसका सेवन करने से व्यक्ति की इम्युनिटी बढ़ती है।
सूर्य ग्रहण के कारण कल होगी गोवर्धन पूजा और भाई दूज
इस बार दिवाली के बाद सूर्य ग्रहण पड़ने के कारण गोवर्धन पूजा नहीं मनाई जा सके। अब 26 अक्तूबर को गोवर्धन पूजा और भाई दूज दोनों ही एक साथ मनाई जाएगी। इसके बाद 8 नवंबर को साल का आखिरी चंद्रग्रहण होगा।