दुमका के नगर थाना क्षेत्र रघुनाथगंज (दुधानी) में संथाल आदिवासी की 1.82 एकड़ जमीन पर दबंगों द्वारा बुलडोजर चलाकर कब्जा करने का मामला सामने आया है। पीड़िता इमाकुलता टुडू ने थाना प्रभारी और एसपी से गुहार लगाई है, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की है।
पीड़िता ने बताया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी इस मामले को लेकर दुमका पुलिस और डीसी को टैग करते हुए ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, “दुमका नगर थाना क्षेत्र के रघुनाथगंज निवासी, संथाल आदिवासी आनंद प्रकाश मुर्मू की जमीन पर भू माफियाओं ने बुलडोजर चलाकर कब्जा किया है। माफियाओं द्वारा लगातार मकान ध्वस्त कर बुलडोजर चलाया जा रहा है। पुलिस को संज्ञान लेकर प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।”
पीड़िता के बेटे आनंद मुर्मू, जो रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, ने आरोप लगाया कि जब वे अपनी मां के साथ शिकायत दर्ज कराने नगर थाना गए तो थाना प्रभारी ने दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज करने और उनके भविष्य को बर्बाद करने की धमकी दी।
इमाकुलता टुडू के अनुसार, 19 और 21 जुलाई को भ्रमर चौधरी, श्रद्धा चौधरी, और सुकन्या चौधरी ने 15-16 लोगों के साथ आकर मौजा कुरूवाचक रघुनाथगंज के उनकी जमीन पर जेसीबी मशीन लगाकर घर को तोड़ दिया। इस दौरान उनके बिजली की लाइन और घेराबंदी को भी नुकसान पहुंचाया गया। आरोपियों ने पीड़िता और उनके बेटे के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की, और जातिसूचक गालियां भी दीं।
इमाकुलता टुडू ने बताया कि यह जमीन उनके पति जॉन मुर्मू के नाम पर पर्चा में दर्ज है और अंचल कार्यालय के खाता में भी उनका नाम दर्ज है। हाईवे निर्माण के लिए सरकार द्वारा इसी जमीन का अधिग्रहण किया गया है, जिसका मुआवजा भी उनके पति को मिला है। सिनियर सिविल जज-2 के न्यायालय में उन्हें इस जमीन पर डिक्री भी मिली है।
इससे पूर्व 26 मई को भी विपक्षियों ने जेसीबी लगाकर उनकी जमीन पर तोड़फोड़ की थी और तब भी उन्होंने नगर थाना में लिखित शिकायत दी थी, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
समाज में आक्रोश: पीड़िता का कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता और भू-माफियाओं के दबदबे से वे और उनका परिवार बहुत परेशान हैं। इस मामले में उचित कार्रवाई न होने से समाज में आक्रोश बढ़ रहा है।