दुमका: पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा, संताल परगना की आवश्यक बैठक केंद्रीय अध्यक्ष असीम मंडल की अध्यक्षता में केंद्रीय कार्यालय, बंदरजोड़ी, दुमका में संपन्न हुई। बैठक में सर्वसम्मति से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और गठबंधन सरकार की अप्रत्याशित जीत पर बधाई दी गई। साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की नेतृत्व क्षमता की सराहना की गई।
बैठक में पिछड़ा वर्ग के लिए 27% आरक्षण की मांग को जोरदार तरीके से उठाया गया। यह मांग झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 के घोषणापत्र और 2024 के चुनावी वादों के संदर्भ में की गई। पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा का कहना है कि इंडी गठबंधन की जीत में पिछड़े वर्गों का समर्थन निर्णायक रहा है, और अब सरकार को अपने वादे पूरे करने चाहिए।
आरक्षण की मांग
पिछड़ा वर्ग आयोग, झारखंड रांची द्वारा 36% आरक्षण की अनुशंसा पर चर्चा करते हुए बैठक में इसे लागू करने की मांग की गई। संगठन ने उम्मीद जताई कि झारखंड विधानसभा की पहली बैठक में इस मांग को प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक में यह भी कहा गया कि दुमका समेत संताल परगना के सात जिलों में पिछड़े वर्गों का आरक्षण शून्य प्रतिशत है, जबकि इन जिलों में पिछड़े वर्गों की आबादी 45 से 55% है। मोर्चा ने सरकार से कम से कम 27% आरक्षण लागू करने की मांग की।
प्रमुख वक्ताओं और सदस्य
बैठक में केंद्रीय महासचिव रंजीत जायसवाल, केंद्रीय कोषाध्यक्ष अजीत माझी, शिव नारायण दर्वे, तेज नारायण महतो, गणेश महतो, सुधाकर मंडल, जयकांत जायसवाल सहित कई वरिष्ठ सदस्य और बुद्धिजीवी उपस्थित थे।
आशा और भरोसा
पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा ने सरकार से विश्वास जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में पिछड़े वर्गों के अधिकारों को सुनिश्चित किया जाएगा।
यह बैठक क्षेत्रीय विकास और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए मोर्चा की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अब यह देखना होगा कि सरकार इन मांगों को किस तरह पूरा करती है।